Rajasthan : बांसवाड़ा में पीएम मोदी ने किया किसानों को सलाम ,कुसुम योजना से कैसे बदल रही है उनकी जिंदगी
News India Live, Digital Desk: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के बांसवाड़ा में कुसुम योजना (KUSUM Yojana) के लाभार्थियों से बात की है, यह दिखाते हुए कि सरकार कैसे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है. 'कुसुम योजना' एक बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करने में मदद करना है, जिससे उनकी बिजली पर निर्भरता कम हो और अतिरिक्त आय भी हो. यह कदम राजस्थान के उन दूरदराज के क्षेत्रों के लिए बहुत मायने रखता है जहाँ सिंचाई अक्सर एक बड़ी चुनौती होती है.
प्रधानमंत्री मोदी और बांसवाड़ा में कुसुम योजना के लाभार्थी:
- कुसुम योजना का महत्व: पीएम कुसुम योजना का लक्ष्य किसानों को सौर ऊर्जा पंप लगाने के लिए सब्सिडी देना है. इससे किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए महंगे डीजल पंपों पर निर्भर नहीं रहेंगे और बिजली के बिल से भी राहत मिलेगी. इसके अलावा, वे अपनी अतिरिक्त सौर ऊर्जा ग्रिड को बेचकर पैसा भी कमा सकते हैं.
- किसानों से बातचीत: प्रधानमंत्री ने बांसवाड़ा में योजना के लाभार्थियों से सीधा संवाद किया, ताकि वे योजना के लाभ, उनकी चुनौतियों और सफलताओं को सीधे जान सकें. यह सरकार की नीतियों के जमीनी स्तर पर प्रभाव को समझने का एक तरीका है.
- किसानों की आय बढ़ाना: यह योजना प्रधानमंत्री के 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. सौर ऊर्जा से किसानों की लागत घटती है और वे ऊर्जा बेचकर अपनी आय में इज़ाफा कर सकते हैं.
- राजस्थान में ऊर्जा सुरक्षा: राजस्थान एक धूप वाला राज्य है, और सौर ऊर्जा के लिए यहां बहुत क्षमता है. कुसुम योजना के माध्यम से राज्य की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिल रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार किसानों को सिर्फ अन्नदाता ही नहीं, बल्कि 'ऊर्जा दाता' भी बनाना चाहती है. यह योजना ग्रामीण भारत में एक हरित क्रांति ला सकती है, जहाँ किसान खुद ऊर्जा का उत्पादन और उपभोग करके आत्मनिर्भर बन सकते हैं.