गोरखपुर में B.Ed छात्रों की अग्निपरीक्षा, परीक्षा केंद्र ढूँढने में लग गया एक पूरा घंटा, एग्जाम से पहले ही बढ़ गया तनाव
News India Live, Digital Desk : परीक्षा का दिन हर छात्र के लिए वैसे ही तनाव से भरा होता है, जब एक-एक मिनट कीमती लगता है। लेकिन सोचिए, अगर परीक्षा शुरू होने से पहले ही आपको अपना परीक्षा केंद्र (एग्जाम सेंटर) ढूँढने में एक पूरा घंटा लग जाए, तो आपकी क्या हालत होगी! दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU Gorakhpur University) से हाल ही में कुछ ऐसी ही खबर सामने आई है, जहाँ B.Ed की परीक्षा देने वाले छात्रों को इस परेशानी का सामना करना पड़ा।
एग्जाम हॉल ढूँढने की भाग-दौड़
यह घटना B.Ed की परीक्षा के दौरान हुई, जब कई छात्रों को गोरखपुर शहर में स्थित उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जिन सेंटर्स पर परीक्षा होनी थी, उनके पते और सटीक लोकेशन को लेकर इतनी confusion थी कि छात्रों को एक-एक घंटे तक सड़कों पर भटकना पड़ा। आप कल्पना कर सकते हैं, पहले से ही एग्जाम के प्रेशर में बच्चे होते हैं, ऊपर से अनजान शहर या इलाके में सेंटर ढूँढने की यह जद्दोजहद उनके तनाव को कई गुना बढ़ा देती है।
कई छात्र बसें और ऑटो रिक्शा बदलते रहे, लोगों से पते पूछते रहे, और घबराए हुए थे कि कहीं वे समय पर पहुँच पाएंगे या नहीं। अक्सर, यूनिवर्सिटी प्रशासन या परीक्षा आयोजक केंद्रों की जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं दे पाते, या फिर नए सेंटर ऐसी जगहों पर बना दिए जाते हैं, जहाँ तक पहुँचना छात्रों के लिए मुश्किल होता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ लग रहा था। परीक्षा के लिए लेट होने का डर, ऊपर से गर्मी या भीड़ का माहौल, सब मिलकर छात्रों के लिए एक बुरे सपने जैसा बन गया था।
कीमती समय की बर्बादी और तनाव
परीक्षा से पहले का हर मिनट revision और खुद को शांत रखने के लिए होता है। लेकिन इस तरह से परीक्षा केंद्र ढूँढने में एक घंटे का समय बर्बाद होने का मतलब है कि छात्रों का कीमती रिवीजन का समय चला गया, और वे एग्जाम हॉल में भी शांत मन से नहीं बैठ पाए होंगे। यह पूरी स्थिति छात्रों के प्रदर्शन पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
परीक्षा आयोजित कराने वाले अधिकारियों को इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए खास ध्यान देना चाहिए। परीक्षा केंद्रों की लिस्ट और मैप पहले से स्पष्ट रूप से वेबसाइट पर होने चाहिए, और नए सेंटर्स के लिए खास तौर पर बेहतर मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े और वे बिना किसी अतिरिक्त तनाव के अपनी परीक्षा दे सकें।