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March 18 2026 05:50 pm

छत्तीसगढ़ में द्रोणिका का असर, अगले 4 दिनों तक आंधी-बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जानें मौसम विभाग की चेतावनी

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News India Live, Digital Desk : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर है। प्रदेश के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और द्रोणिका (Trough) की वजह से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने 18 मार्च से 21 मार्च 2026 तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना जताई है।

इन जिलों के लिए 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी

मौसम विज्ञान केंद्र, रायपुर के अनुसार, प्रदेश के मध्य और उत्तरी भागों में मौसम का असर सबसे ज्यादा दिखेगा:

बुधवार (18 मार्च): रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कुछ जिलों में एक-दो स्थानों पर 40 से 50 KMPH की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है। विभाग ने यहाँ ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी है।

शुक्रवार (20 मार्च): इस दिन के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पूरे राज्य में अंधड़ और बारिश के आसार हैं।

तापमान में 5 डिग्री तक आएगी गिरावट

लगातार हो रही मौसमी हलचल के कारण छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले दिनों जहां पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच गया था, वहीं अब बादलों और बारिश की वजह से लोगों को चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, विभाग का कहना है कि 22 मार्च के बाद तापमान में फिर से 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी शुरू होगी।

क्या है इस बदलाव की वजह? (सिनोप्टिक परिस्थितियां)

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय एक साथ कई सिस्टम सक्रिय हैं:

दक्षिण-पूर्व राजस्थान से उत्तर छत्तीसगढ़ तक एक द्रोणिका विस्तृत है।

मध्य प्रदेश के मध्य भागों के ऊपर एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवातीय घेरा सक्रिय है। इन प्रणालियों की वजह से बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जो बारिश और ओलावृष्टि का कारण बन रही है।

किसानों और आम जनता के लिए सलाह

किसान: कटी हुई फसलों और खलिहानों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। ओलावृष्टि से दलहन और सब्जियों की फसल को नुकसान हो सकता है।

सावधानी: वज्रपात के समय खुले मैदान या पेड़ों के नीचे न रुकें। तेज हवाओं के दौरान कच्चे मकानों और होर्डिंग्स से दूर रहें।