"मुझे चोट पहुंचाई तो भारत में BJP की नींव हिला दूंगी!" - ममता बनर्जी का खुला चैलेंज
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में नजर आईं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी पारा चढ़ाते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधी और खुली चुनौती दे डाली।
उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने गरजते हुए कहा, "अगर भाजपा ने बंगाल में मुझे चोट पहुंचाने की कोशिश की, तो मैं पूरे भारत में उसकी नींव हिला दूंगी!"
ममता का यह गुस्सा सिर्फ बीजेपी पर ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग पर भी फूटा। सोमवार को उन्होंने आरोप लगाया था कि 'इलेक्शन कमीशन' अब एक निष्पक्ष संस्था न रहकर 'बीजेपी कमीशन' बन गया है।
चुनाव आयोग को लिखे पत्र से मचा हड़कंप, ममता ने उठाए 2 बड़े सवाल
ममता बनर्जी राज्य में चल रही वोटर लिस्ट रिवीजन की प्रक्रिया (SIR) से बेहद नाराज हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर दो गंभीर मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है:
1. बाहर से क्यों लाए जा रहे हैं डेटा एंट्री ऑपरेटर?
ममता ने सवाल उठाया कि जब जिलों में पहले से ही डेटा एंट्री के लिए अनुभवी लोग मौजूद हैं, तो चुनाव आयोग का दफ्तर 1,000 नए डेटा एंट्री ऑपरेटर और 50 सॉफ्टवेयर डेवलपर को एक साल के लिए किसी बाहरी एजेंसी से क्यों भर्ती कर रहा है?
उन्होंने पत्र में सीधा शक जाहिर करते हुए पूछा, "क्या यह काम किसी पॉलिटिकल पार्टी के कहने पर अपने फायदे के लिए किया जा रहा है? इस भर्ती की टाइमिंग और तरीका निश्चित रूप से शक पैदा करता है।"
2. प्राइवेट सोसायटियों में क्यों बन रहे हैं पोलिंग बूथ?
ममता ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि चुनाव आयोग प्राइवेट हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर पोलिंग स्टेशन बनाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि पोलिंग स्टेशन हमेशा से सरकारी जगहों पर ही रहे हैं ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
उन्होंने सवाल उठाया, "ऐसे कदम पर आखिर सोचा ही क्यों जा रहा है? क्या यह भी किसी पॉलिटिकल पार्टी के दबाव में किया जा रहा है?"
हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा तो और बढ़ा गुस्सा, सड़क से 104 KM गईं
मंगलवार को ममता का गुस्सा तब और बढ़ गया जब रैली के लिए उनका हेलीकॉप्टर ऐन वक्त पर उड़ान नहीं भर सका। इस बड़ी लापरवाही के कारण उन्हें कोलकाता से बनगांव तक का 104 किलोमीटर का लंबा सफर सड़क मार्ग से तय करना पड़ा।
इस मामले में हेलीकॉप्टर ऑपरेटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पता चला कि हेलीकॉप्टर का लाइसेंस ही एक्सपायर हो चुका था, जिसकी जानकारी समय पर नहीं दी गई। सीएम ऑफिस ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे VVIP सुरक्षा में एक बड़ी चूक बताया है और पूरी जांच के आदेश दिए हैं।