अगर माघ मेला 2026 में स्नान की सोच रहे हैं, तो लखनऊ-प्रयागराज स्पेशल रेल का ये शेड्यूल ज़रूर नोट कर लें
News India Live, Digital Desk : हर साल जब प्रयागराज में माघ मेला शुरू होता है, तो सबसे बड़ी चिंता होती है सफर की। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से हज़ारों लोग रोज़ाना संगम में डुबकी लगाने या कल्पवास के लिए प्रयागराज जाते हैं। भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि बसें हों या रेगुलर ट्रेनें, हर जगह पैर रखने की जगह नहीं मिलती।
इस साल, यानी 2026 के माघ मेले में श्रद्धालुओं की इसी मुश्किल को समझते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने एक खास योजना बनाई है। लखनऊ से प्रयागराज के बीच एक स्पेशल 'रिंग रेल' (Lucknow to Prayagraj Special Train) जैसा कॉन्सेप्ट लाया गया है, ताकि मुसाफिरों को कोई दिक्कत न हो।
श्रद्धालुओं के लिए क्या है खास सुविधा?
प्रशासन ने इस बार मेला स्पेशल ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी यानी फेरे बढ़ा दिए हैं। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो लखनऊ के आसपास के इलाकों जैसे रायबरेली, ऊंचाहार और अमेठी से जुड़कर प्रयागराज पहुँचते हैं। अक्सर श्रद्धालु चाहते हैं कि वे सुबह स्नान करें और शाम तक वापस घर लौट आएं। रेलवे की यह स्पेशल रिंग सर्विस इसी जरूरत को पूरा करेगी।
ये ट्रेनें प्रयागराज के संगम और प्रयाग स्टेशनों को प्रमुख शहरों से जोड़ेंगी, जिससे यात्रियों को मुख्य शहर जाने की बजाय सीधे मेले के नज़दीकी स्टेशनों तक पहुँचने का मौका मिलेगा।
माघ मेला 2026: कब-कब है मुख्य स्नान?
जैसा कि हम जानते हैं, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे मुख्य स्नान के मौकों पर लाखों की भीड़ उमड़ती है। इन तारीखों पर रेलवे एक्स्ट्रा कोचेस और अतिरिक्त 'मेला स्पेशल' ट्रेनें चला रहा है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जिन्होंने पहले से रिजर्वेशन नहीं कराया है, क्योंकि ये ट्रेनें मुख्य रूप से जनरल श्रेणी और कम किराए वाली होंगी।
यात्रियों के लिए कुछ जरूरी सलाह
- शेड्यूल पहले देख लें: हालांकि ये ट्रेनें रेगुलर इंटरवल पर चलेंगी, लेकिन मुख्य स्नान के दिन इनके समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है। रेलवे की ऐप या पूछताछ केंद्र से ताज़ा वक्त ज़रूर चेक करें।
- स्टेशन का चुनाव: कोशिश करें कि अगर आप सीधे मेले में जाना चाहते हैं, तो 'प्रयाग स्टेशन' या 'प्रयागराज संगम' का टिकट लें, क्योंकि ये घाट के ज़्यादा पास हैं।
- भीड़ का ध्यान: स्पेशल ट्रेन होने के बावजूद श्रद्धालुओं की तादाद बहुत ज्यादा होती है, इसलिए अपना और अपने सामान का खास ख्याल रखें।
माघ मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक मिलन है। रेलवे की इस पहल से निश्चित तौर पर लखनऊ से प्रयागराज के बीच सफर करने वाले कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का सफर थोड़ा सुहाना और कम थकान वाला हो जाएगा।
तो अगर आप भी इस पवित्र महीने में पुण्य कमाना चाहते हैं, तो अपना झोला उठाइये और रेलवे की इस शानदार सुविधा का फायदा उठाकर पहुँच जाइए संगम की रेती पर।