दांतों के दर्द और मसूड़ों की सूजन से हैं परेशान? यह पीला फूल डॉक्टर के चक्कर से बचा सकता है
News India Live, Digital Desk : आजकल की बिगड़ती लाइफस्टाइल और ज्यादा मीठा या जंक फूड खाने की वजह से दांतों में कीड़ा लगना, मसूड़ों में सूजन और मुंह से बदबू आना एक आम समस्या बन गई है। हम अक्सर डेंटिस्ट के पास जाकर भारी-भरकम फीस चुकाते हैं, लेकिन हमारे आस-पास ही एक ऐसा पौधा है जिसे आयुर्वेद में दांतों के लिए 'वरदान' माना गया है। हम बात कर रहे हैं वज्रदंती (Barleria prionitis) की।
क्यों खास है वज्रदंती?
वज्रदंती के पौधे में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) और एंटी-बैक्टीरियल गुण भरपूर होते हैं। इसके फूल, पत्तियां और यहाँ तक कि इसकी छाल भी औषधीय गुणों से भरी होती है। अगर आपके दांतों में ठंडा-गरम लगता है (सेंसिटिविटी) या मसूड़े ढीले हो गए हैं, तो यह पौधा जादू की तरह काम करता है।
मसूड़ों की सूजन और पायरिया में आराम
मसूड़ों में खून आना या बार-बार सूजन होना पायरिया के लक्षण हो सकते हैं। वज्रदंती की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ला (गार्गल) करने से मसूड़ों का इंफेक्शन कम होता है। यह मसूड़ों को टाइट करता है जिससे हिलते हुए दांतों को भी सहारा मिलता है।
दांत के दर्द का देसी इलाज
अगर अचानक दांत में तेज दर्द उठ जाए और आपके पास डॉक्टर के पास जाने का समय न हो, तो वज्रदंती की ताजी पत्तियों को धोकर उस दांत के नीचे दबा लें जहाँ दर्द हो रहा है। इसका अर्क प्राकृतिक रूप से दर्द को खींच लेता है और आपको तुरंत राहत महसूस होती है।
मुंह की बदबू से परमानेंट छुटकारा
अक्सर लोग मुंह की बदबू (Bad Breath) की वजह से दूसरों के सामने बात करने में झिझकते हैं। वज्रदंती एक नेचुरल माउथ फ्रेशनर का काम करती है। यह उन बैक्टीरिया को खत्म करती है जो बदबू पैदा करते हैं। इसकी पत्तियों का पाउडर बनाकर उससे दांत साफ करने से न सिर्फ बदबू जाती है, बल्कि दांतों का पीलापन भी धीरे-धीरे कम होने लगता है।
इस्तेमाल कैसे करें?
इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान है। आप इसकी सूखी पत्तियों और फूलों को पीसकर घर पर ही 'दंत मंजन' तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा, इसकी डंठल से दातुन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
एक जरूरी सलाह:
प्रकृति के ये नुस्खे बहुत असरदार होते हैं, लेकिन अगर आपके दांतों में कोई गंभीर समस्या है या इंफेक्शन बहुत ज्यादा बढ़ गया है, तो एक्सपर्ट की सलाह लेना भी ज़रूरी है। स्वस्थ दांतों के लिए सुबह और रात को सोने से पहले ब्रश करना और ऐसी देसी जड़ी-बूटियों का सहारा लेना आपको बुढ़ापे तक दांतों की परेशानी से बचा सकता है।