होटल पर GST घट गया... तो फिर आपका बिल कम क्यों नहीं हुआ? जानें पूरा ‘खेल’

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कुछ समय पहले एक बड़ी और अच्छी खबर आई थी - सरकार ने होटलों के कमरों पर लगने वाले GST को कम कर दिया है! यह सुनकर हम सबने यही सोचा, "वाह! अब घूमना-फिरना और होटलों में रुकना सस्ता हो जाएगा!" त्योहारों की छुट्टियों का प्लान बनाते हुए मन में एक खुशी थी कि इस बार शायद होटल का बिल थोड़ा कम आएगा।

लेकिन... जब आप होटल बुक करने गए, तो आपने देखा कि कीमत तो लगभग उतनी ही है, जितनी पहले थी! तो आखिर सरकार की दी हुई वो ‘राहत’ गई कहाँ? क्या यह कोई धोखा था?

नहीं, यह धोखा नहीं, बल्कि टैक्स की दुनिया का एक ऐसा ‘खेल’ है जिसे समझना बहुत जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है।

इस कहानी का असली ‘विलेन’: इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)

इस पूरी कहानी का ‘विलेन’ है एक शब्द - इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)। चलिए, इसे बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं।

पहले क्या होता था? (जब GST ज्यादा था और ITC मिलता था)

  • सोचिए, आप एक होटल के मालिक हैं। आपको अपना होटल चलाने के लिए बहुत सारी चीजें खरीदनी पड़ती हैं - जैसे बेडशीट की धुलाई, खाना बनाने का सामान, AC की सर्विसिंग आदि। इन सभी चीजों पर आप सरकार को GST देते हैं। इसे कहते हैं ‘इनपुट टैक्स’
  • अब, जब कोई ग्राहक आपके यहां रुकता है, तो आप उससे भी बिल पर GST वसूलते हैं। इसे कहते हैं ‘आउटपुट टैक्स’
  • पुराने नियम के मुताबिक, आप सरकार को अपनी जेब से टैक्स भरते समय कहते थे, "जनाब, मैंने ₹300 का GST ग्राहक से लिया है, लेकिन मैं पहले ही धुलाई और सामान पर ₹100 का GST भर चुका हूं। तो मैं आपको सिर्फ बचा हुआ (₹300 - ₹100) = ₹200 ही दूंगा।"
  • सरकार से मिलने वाली इसी ‘छूट’ को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) कहते हैं।

अब क्या होता है? (जब GST कम हो गया और ITC खत्म हो गया)

  • सरकार ने जब होटलों पर GST की दर घटाई, तो साथ में यह भी कह दिया कि अब आपको ITC की यह ‘छूट’ नहीं मिलेगी
  • अब होटल के मालिक को ग्राहक से वसूला गया पूरा का पूरा ₹300 (उदाहरण के लिए) सरकार को देना पड़ता है। धुलाई और सामान पर जो ₹100 का GST उसने अपनी जेब से भरा था, वह अब उसका सीधा-सीधा नुकसान हो गया।

तो होटल वालों ने क्या किया?
उन्होंने इस नुकसान की भरपाई करने के लिए, अपने कमरे की मूल कीमत (Base Price) को ही बढ़ा दिया

पूरा गणित समझिए:

  • पुराना बिल: (कमरा: ₹4000) + (18% GST: ₹720) = ₹4720
  • नया बिल: (कमरा: ₹4300) + (12% GST: ₹516) = ₹4816 (लगभग उतना ही)

देखा आपने? होटल वालों ने कमरे की मूल कीमत ही इतनी बढ़ा दी कि GST कम होने के बाद भी, आपकी जेब से लगभग उतना ही पैसा जा रहा है।

सार यह है:
सरकार ने GST घटाकर जो राहत दी, वह आपकी जेब तक पहुंच ही नहीं पाई। वह बीच में ही होटल इंडस्ट्री के उस नुकसान की भरपाई करने में चली गई, जो उन्हें ITC खत्म होने की वजह से हो रहा था। तो, अगली बार जब होटल का बिल देखें, तो हैरान मत होइएगा!