रातभर करवटें बदल-बदल कर थक गए हैं? ये 4 आयुर्वेदिक जड़बूटियां आपको दिलाएंगी घोड़े बेचकर वाली नींद
News India Live, Digital Desk : आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सब कुछ पा लेना चाहते हैं, बस 'सुकून' ही कहीं पीछे छूट जाता है। अक्सर दिनभर काम की टेंशन, रात को देर तक मोबाइल का इस्तेमाल और दिमाग में चलती कल की चिंताओं के कारण नींद आँखों से कोसों दूर हो जाती है। कई लोग सोने के लिए नींद की गोलियों का सहारा लेते हैं, लेकिन हम सब जानते हैं कि ये सेहत के लिए कितनी नुकसानदेह हो सकती हैं।
क्या आपको पता है कि हमारे अपने आयुर्वेद में ऐसी ताकतवर जड़बूटियां मौजूद हैं जो न केवल आपके दिमाग को शांत करती हैं, बल्कि आपको ऐसी गहरी नींद देती हैं कि आप सुबह एकदम तरोताजा महसूस करेंगे।
आइए जानते हैं उन खास जड़बूटियों के बारे में, जो आपकी रात को सुकून भरा बना सकती हैं:
1. अश्वगंधा (Ashwagandha): तनाव का पक्का दुश्मन
आयुर्वेद में अश्वगंधा को जड़ी-बूटियों का राजा माना जाता है। नींद न आने की सबसे बड़ी वजह होती है 'कोर्टिसोल' यानी स्ट्रेस हार्मोन। अश्वगंधा इस हार्मोन को कंट्रोल करने में मदद करता है। रात को सोने से पहले आधा चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को गर्म दूध में मिलाकर पीने से मन शांत होता है और नींद जल्दी आती है।
2. ब्राह्मी (Brahmi): दिमाग को ठंडा रखे
ब्राह्मी न सिर्फ याददाश्त तेज करती है, बल्कि यह एक बेहतरीन 'ब्रेन टॉनिक' भी है। यह दिमाग की नसों को आराम पहुंचाती है। जिन लोगों का मन हमेशा अशांत रहता है या रात में अजीब-अजीब ख्याल आते हैं, उनके लिए ब्राह्मी का तेल या पाउडर बहुत फायदेमंद है। यह अनिद्रा (Insomnia) की समस्या को जड़ से खत्म करने की ताकत रखती है।
3. जटामांसी (Jatamansi): गहरी नींद के लिए रामबाण
जटामांसी की जड़ें विशेष रूप से नींद की बीमारियों के लिए जानी जाती हैं। इसका उपयोग नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करने के लिए किया जाता है। यदि आप इसे चूर्ण या तेल के रूप में इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके स्ट्रेस लेवल को कम करती है, जिससे आप एक लंबी और निर्बाध (बिना टूटने वाली) नींद ले पाते हैं।
4. शंखपुष्पी (Shankhpushpi): थकावट को करे दूर
शंखपुष्पी भी दिमाग की थकावट मिटाने में बहुत मददगार है। दिनभर के काम के बोझ के बाद अगर दिमाग भारी लग रहा हो, तो शंखपुष्पी का सेवन मानसिक थकान दूर कर अच्छी नींद लाने में मदद करता है।
सोने से पहले एक छोटी सी सलाह:
इन जड़बूटियों के साथ-साथ अगर आप कुछ अपनी आदतों में भी बदलाव करें, तो सोने पर सुहागा होगा।
- सोने से एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप को पूरी तरह बंद कर दें।
- हल्का संगीत सुनें या अपनी पसंद की कोई किताब पढ़ें।
- तलवों की तेल से मालिश करना भी बहुत पुराना और असरदार तरीका है।
याद रखिये, नींद सिर्फ आराम नहीं है, यह आपके शरीर की मरम्मत (Repairing) का समय है। इसलिए अपनी नींद से समझौता न करें और कुदरत के इन वरदानों का लाभ उठाएं।