"मैं चीजें रखकर भूल जाती हूं..."- कहीं ये सिर्फ कमजोरी नहीं, इस 1 चीज की कमी तो नहीं? दिमागी रोगों पर डॉक्टर की चेतावनी

Post

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आप चाबी कहीं रखकर भूल जाती हैं, या किसी कमरे में जाकर याद करने लगती हैं कि यहां आई क्यों थी? अक्सर हम ऐसी छोटी-मोटी भूलने की आदतों को काम का तनाव या बढ़ती उम्र की थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन दिमाग के डॉक्टर (Neurologists) की मानें तो यह आपके दिमाग के लिए एक बड़ी चेतावनी हो सकती है, खासकर महिलाओं के लिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में डिमेंशिया (Dementia) और याददाश्त कमजोर (Memory Loss) होने का एक बड़ा और छिपा हुआ कारण उनके शरीर में ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी हो सकती है।

क्या है ओमेगा-3 और दिमाग का ये गहरा कनेक्शन?

ओमेगा-3 एक तरह का अच्छा फैट है, जिसे हमारा दिमाग 'सुपरफूड' मानता है। यह हमारे दिमाग की कोशिकाओं (सेल्स) की बाहरी परत को बनाने और उन्हें लचीला रखने में मदद करता है। आसान भाषा में समझें तो, जैसे गाड़ी के इंजन के लिए मोबिल ऑयल जरूरी है, वैसे ही हमारे दिमाग के सही से काम करने के लिए ओमेगा-3 जरूरी है।

जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो दिमागी कोशिकाएं सख्त होने लगती हैं और एक-दूसरे को सिग्नल भेजने में धीमे पड़ जाती हैं। इसी का नतीजा होता है- कमजोर याददाश्त, फोकस में कमी और लंबे समय में डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा।

पुरुषों के मुकाबले महिलाएं क्यों हैं ज्यादा खतरे में?

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि महिलाओं में डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी बीमारियां पुरुषों के मुकाबले ज्यादा होती हैं। इसके पीछे ओमेगा-3 की कमी एक बड़ी वजह हो सकती है।

  • हार्मोनल बदलाव: महिलाओं के जीवन में मेनोपॉज (मासिक धर्म का बंद होना) एक बड़ा पड़ाव होता है। इस दौरान एस्ट्रोजन हॉर्मोन का लेवल तेजी से गिरता है, जो दिमाग की सुरक्षा करने में अहम भूमिका निभाता है। यह बदलाव दिमाग को ओमेगा-3 की कमी के प्रति और भी ज्यादा संवेदनशील बना देता है।
  • प्रेगनेंसी और ब्रेस्टफीडिंग: गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान, मां के शरीर का ओमेगा-3 बच्चे के दिमागी विकास के लिए इस्तेमाल होता है। अगर इस दौरान सही डाइट न ली जाए, तो मां के शरीर में इसकी भारी कमी हो सकती है।

कैसे करें इस 'ब्रेन सुपरफूड' की कमी पूरी?

अच्छी खबर यह है कि आप आसानी से अपनी डाइट में कुछ बदलाव करके इस कमी को पूरा कर सकती हैं। हमारा शरीर ओमेगा-3 खुद नहीं बनाता, इसलिए इसे खाने के जरिए लेना बहुत जरूरी है।

  • शाकाहारी स्रोत:
    • अलसी के बीज (Flax seeds): इसे पीसकर दही, सलाद या आटे में मिलाकर खाएं।
    • अखरोट (Walnuts): रोज 3-4 भीगे हुए अखरोट खाना दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद है।
    • चिया सीड्स (Chia seeds): इसे पानी, दूध या जूस में भिगोकर पिएं।
  • मांसाहारी स्रोत:
    • मछलियां: सैल्मन, टूना और मैकेरल जैसी फैटी मछलियां ओमेगा-3 का सबसे बेहतरीन स्रोत मानी जाती हैं।
  • सप्लीमेंट्स: अगर आप अपनी डाइट से इसकी पूर्ति नहीं कर पा रही हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर फिश ऑयल या अल्गल ऑयल के सप्लीमेंट्स भी ले सकती हैं।

तो अगली बार जब आप कुछ भूलें, तो इसे सिर्फ थकान समझने की गलती न करें। अपनी प्लेट की जांच करें और सुनिश्चित करें कि आप अपने दिमाग को उसका पसंदीदा खाना दे रही हैं या नहीं।