Hypnotism For Menopause : दवाइयां नहीं, अब सम्मोहन दिलाएगा मेनोपॉज के हॉट फ्लैशेज से छुटकारा ,जानें कैसे

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News India Live, Digital Desk:  Hypnotism For Menopause : मेनोपॉज (Menopause) महिलाओं के जीवन का एक ऐसा पड़ाव है, जब शरीर कई तरह के हार्मोनल बदलावों से गुजरता है। इन्हीं बदलावों के कारण उन्हें कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनमें से एक सबसे आम और परेशान कर देने वाली समस्या है हॉट फ्लैशेज (Hot Flashes)

अचानक से पूरे शरीर, खासकर चेहरे और गर्दन पर तेज गर्मी लगना, पसीने से तर-बतर हो जाना और दिल की धड़कन का बढ़ जाना... हॉट फ्लैशेज का यह अनुभव दिन में कई बार हो सकता है और अक्सर यह महिलाओं की नींद और रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित करता है।

अब तक इससे राहत पाने के लिए महिलाएं हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) या दूसरी दवाइयों का सहारा लेती थीं, जिनके अपने साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसा तरीका खोज निकाला है, जो बिना किसी दवा के इस समस्या से राहत दिला सकता है। यह तरीका थोड़ा हैरान करने वाला है, लेकिन बेहद कारगर साबित हो रहा है - हिप्नोथेरेपी यानी सम्मोहन

क्या है यह हिप्नोथेरेपी?

जब हम 'सम्मोहन' या 'हिप्नोटिज्म' शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में फिल्मों वाला वह सीन आता है, जिसमें कोई घड़ी घुमाकर किसी को अपने वश में कर लेता है। लेकिन असल में हिप्नोथेरेपी इससे बिल्कुल अलग है।

यह एक तरह की गाइडेड मेडिटेशन या थेरेपी है, जिसमें एक प्रशिक्षित थेरेपिस्ट आपको गहरी नींद जैसी शांत और एकाग्र अवस्था में ले जाता है। इस अवस्था में हमारा चेतन मन शांत हो जाता है और अवचेतन मन (subconscious mind) बहुत सक्रिय हो जाता है। इसी अवस्था में थेरेपिस्ट हमारे मन को सकारात्मक सुझाव देता है।

हॉट फ्लैशेज पर कैसे काम करती है यह थेरेपी?

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हॉट फ्लैशेज सिर्फ एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि हमारा दिमाग इसे कैसे महसूस करता है, यह भी बहुत मायने रखता है। हिप्नोथेरेपी इसी माइंड-बॉडी कनेक्शन पर काम करती है।

  • कूलिंग टेक्निक: थेरेपी के दौरान, थेरेपिस्ट महिला को यह कल्पना करने के लिए कहता है कि वह किसी ठंडी और आरामदायक जगह पर है, जैसे - किसी बर्फीले पहाड़ पर, ठंडी हवा वाले समुद्र के किनारे या किसी झरने के नीचे।
  • सकारात्मक सुझाव: इसके साथ ही, मन को यह सुझाव दिया जाता है कि "आपका शरीर शांत और ठंडा महसूस कर रहा है" या "आप अपनी बॉडी के तापमान को कंट्रोल कर सकती हैं।"
  • दिमाग को ट्रेनिंग देना: नियमित सेशन से दिमाग इस बात के लिए ट्रेन हो जाता है कि जब भी हॉट फ्लैश का सिग्नल मिले, तो उसे घबराने की बजाय ठंडक का एहसास करना है। इससे धीरे-धीरे हॉट फ्लैशेज की तीव्रता और संख्या, दोनों में कमी आने लगती है।

क्या यह सच में कारगर है?

कई वैज्ञानिक अध्ययनों में यह पाया गया है कि जिन महिलाओं ने हिप्नोथेरेपी के सेशन लिए, उनके हॉट फ्लैशेज में 70% से 80% तक की कमी आई। इतना ही नहीं, इससे उन्हें बेहतर नींद लेने और तनाव व चिंता को कम करने में भी मदद मिली।

यह उन महिलाओं के लिए एक वरदान की तरह है जो हार्मोनल दवाइयां नहीं लेना चाहतीं या जिन्हें उनसे कोई फायदा नहीं हो रहा है। यह एक सुरक्षित, प्राकृतिक और बिना किसी साइड इफेक्ट वाला तरीका है, जो महिलाओं को अपने शरीर पर फिर से कंट्रोल पाने में मदद करता है।