स्टार्क बिना कैसा होगा टी20 वर्ल्ड कप? जानिए ऑस्ट्रेलिया के इस हैरान करने वाले फैसले के पीछे की असली वजह

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News India Live, Digital Desk: साल 2026 की शुरुआत और टी20 वर्ल्ड कप का माहौल ये तो सोने पर सुहागा है! लेकिन ऑस्ट्रेलिया की तरफ से जो खबर आई, उसने सिर्फ़ कंगारू ही नहीं बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट फैंस को थोड़ा मायूस कर दिया है। बायीं हाथ के दुनिया के सबसे खतरनाक तेज़ गेंदबाजों में से एक, मिचेल स्टार्क आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा नहीं होंगे।

क्या है टीम से बाहर होने की असली वजह?

देखा जाए तो इस फैसले के पीछे कोई एक नहीं, बल्कि कई बड़ी कड़ियां जुड़ी हुई हैं। पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात है'वर्कलोड मैनेजमेंट' (Workload Management)। साल 2026 तक स्टार्क की उम्र 36 साल हो रही है। तेज़ गेंदबाजों के लिए उम्र का ये पड़ाव काफी मुश्किल भरा होता है। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड ने साफ कर दिया है कि वे स्टार्क की फिटनेस को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते, खासकर तब जब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) और एशेज (Ashes) जैसी बड़ी सीरीज़ पाइपलाइन में हों।

क्या ये टी20 क्रिकेट को अलविदा कहने की शुरुआत है?

क्रिकेट गलियारों में इस बात की भी सुगबुगाहट है कि क्या स्टार्क अब छोटे फॉर्मेट से अपना नाता धीरे-धीरे तोड़ रहे हैं। हम सब जानते हैं कि स्टार्क अपनी शानदार यॉर्कर्स और शुरुआती स्विंग के लिए जाने जाते हैं। लेकिन हाल के समय में ऑस्ट्रेलिया अपनी गेंदबाजी इकाई में जेनरेशन गैप को कम करने की कोशिश कर रहा है। जेवियर बार्टलेट और स्पेन्सर जॉनसन जैसे युवा चेहरों को मौका देना बोर्ड की लंबी योजना का हिस्सा है। मैनेजमेंट चाहता है कि आने वाले समय के लिए वे अभी से अपनी अगली पौध तैयार रखें।

अनुभव बनाम युवा जोश की जंग

हालांकि पैट कमिंस और जोश हेजलवुड को टीम में रखा गया है क्योंकि उनका खेलना संतुलित अटैक के लिए जरूरी है। लेकिन स्टार्क की गैरमौजूदगी यकीनन टीम के अटैक में एक 'खालीपन' पैदा करेगी। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में बाएं हाथ का पेसर जो वैराइटी (Variety) लेकर आता है, उसे भरना आसान नहीं होता।

अंत में, यह सिर्फ़ एक क्रिकेटिंग डिसीजन नहीं है, बल्कि एक 'कौशिश स्टेप' है। स्टार्क एक चैंपियन खिलाड़ी हैं और उन्होंने सालों तक ऑस्ट्रेलिया को कई मैच अकेले दम पर जिताए हैं। लेकिन आज, यानी 2026 में, खेल की गति इतनी तेज हो चुकी है कि कभी-कभी सबसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी 'कठिन फैसलों' का सामना करना पड़ता है।

भले ही हम स्टार्क को वर्ल्ड कप 2026 के मैदान पर नहीं देखेंगे, लेकिन उम्मीद है कि वे रेड बॉल और वनडे क्रिकेट में अपनी वही रफ्तार और दहशत बनाए रखेंगे।

आप इस फैसले को किस तरह देखते हैं? क्या स्टार्क के बिना ऑस्ट्रेलिया दोबारा ट्रॉफी उठा पाएगा?