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April 24 2026 03:20 am

शेख हसीना भारत में कब तक रहेंगी? एस जयशंकर ने दिया ऐसा जवाब कि बांग्लादेश भी सुनता रह गया

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News India Live, Digital Desk : पड़ोसी देश बांग्लादेश (Bangladesh) में मची उथल-पुथल के बाद वहां की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) भारत में शरण लिए हुए हैं। यह बात तो हम सब जानते हैं। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वो भारत में कब तक रहेंगी?

बांग्लादेश में जो नई अंतरिम सरकार आई है, उसके सुर थोड़े तीखे हैं। वहां से बार-बार मांग उठ रही है कि भारत शेख हसीना को वापस भेजे ताकि उन पर मुकदमे चलाए जा सकें। इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ी कड़वाहट भी महसूस की जा रही है।

इसी गरमा-गर्मी के बीच, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने पहली बार इस मुद्दे पर बहुत ही सधा हुआ और करारा जवाब दिया है। आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि भारत का इस पर क्या स्टैंड है।

सवाल: शेख हसीना कब वापस जाएंगी?
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान या मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए एस. जयशंकर से यह पूछा गया कि भारत की शेख हसीना को लेकर क्या योजना है? क्या भारत दबाव में आकर उन्हें वापस भेज देगा?

जयशंकर का 'मास्टरस्ट्रोक' जवाब
हमारे विदेश मंत्री अपनी हाजिरजवाबी और 'स्ट्रेट फॉरवर्ड' बातों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि कूटनीति (Diplomacy) भावनाओं से नहीं, बल्कि नियमों और राष्ट्रीय हितों से चलती है।
जयशंकर ने संकेत दिया कि शेख हसीना का भारत में रहना फिलहाल उनकी सुरक्षा का मामला है। उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार की बयानबाजी पर भी बहुत ही संतुलित प्रतिक्रिया दी।

उनका कहना था कि "सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन देशों के रिश्ते जनता से जुड़े होते हैं।" मतलब साफ है कि भारत किसी दबाव में कोई जल्दबाजी वाला फैसला नहीं लेगा।

बांग्लादेश को नसीहत
बांग्लादेश की तरफ से आ रहे बयानों पर भी जयशंकर ने इशारों-इशारों में कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि भारत अपनी संप्रभुता या अपने पुराने दोस्तों की सुरक्षा से समझौता करेगा।

भारत के लिए क्यों है यह धर्मसंकट?
दोस्तों, भारत के लिए यह स्थिति थोड़ी पेचीदा है।

  1. पुराने रिश्ते: शेख हसीना भारत की बहुत पुरानी और भरोसेमंद दोस्त रही हैं। मुश्किल वक्त में उन्होंने हमेशा भारत का साथ दिया है। अब मुसीबत में उनका साथ छोड़ना भारत की फितरत नहीं।
  2. नई सरकार: दूसरी तरफ, भारत को बांग्लादेश की नई सरकार के साथ भी काम करना है ताकि बॉर्डर और सुरक्षा के मुद्दे न बिगड़ें।