मसाज के बहाने हवस का जाल जेफ्री एपस्टीन कैसे फंसाता था मासूम लड़कियों को? पीड़िता ने सुनाई रूह कंपा देने वाली दास्तां
News India Live, Digital Desk : अरबपति जेफ्री एपस्टीन की काली दुनिया के राज एक-एक कर बाहर आ रहे हैं। हाल ही में एक पीड़िता ने उन खौफनाक पलों को याद किया है, जब उसे धोखे से एपस्टीन के चंगुल में धकेला गया था। यह खुलासा न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे सत्ता और पैसे के रसूख के पीछे एक घिनौना सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट चलाया जा रहा था।
शुरुआत 'मसाज' से और फिर...
पीड़िता ने बताया कि लड़कियों को फंसाने का तरीका बेहद सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। अक्सर कम उम्र की लड़कियों को यह कहकर बुलाया जाता था कि उन्हें एक अमीर शख्स को 'मसाज' देनी है, जिसके बदले उन्हें मोटी रकम मिलेगी। पीड़िता के मुताबिक, शुरुआत में सब सामान्य लगता था, लेकिन जैसे ही लड़कियां एपस्टीन के निजी कमरों में पहुंचती थीं, वहां का माहौल पूरी तरह बदल जाता था।
भय और धमकियों का साम्राज्य
एपस्टीन केवल पैसे का लालच नहीं देता था, बल्कि वह लड़कियों को मनोवैज्ञानिक रूप से भी तोड़ देता था।
रसूख का डर: लड़कियों को यकीन दिलाया जाता था कि एपस्टीन के संबंध दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों (नेताओं और प्रिंस) से हैं, इसलिए पुलिस उनकी मदद नहीं करेगी।
मजबूरी का फायदा: वह ऐसी लड़कियों को चुनता था जो आर्थिक रूप से कमजोर थीं या जिनके पास कोई सहारा नहीं था।
निजी द्वीप 'लिटिल सेंट जेम्स' का सच
खुलासे में उस निजी द्वीप का भी जिक्र है जिसे 'पीडोफाइल आइलैंड' के नाम से जाना जाने लगा। वहां लड़कियों को ले जाया जाता था और उन्हें बंधक बनाकर रखा जाता था। पीड़िता ने बताया कि वहां से भागना लगभग असंभव था और उन्हें दिन-रात प्रताड़ित किया जाता था।
घिनौने खेल में शामिल थे 'बड़े नाम'
पीड़िता के बयान ने एक बार फिर उन हाई-प्रोफाइल हस्तियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं जिनके नाम एपस्टीन की 'ब्लैक बुक' में शामिल थे। कोर्ट के दस्तावेजों और पीड़ितों के बयानों से संकेत मिलता है कि यह केवल एक व्यक्ति का जुर्म नहीं था, बल्कि एक पूरा नेटवर्क था जिसमें कई प्रभावशाली लोग शामिल थे।
न्याय की उम्मीद
हालांकि एपस्टीन की जेल में मौत हो चुकी है, लेकिन उसकी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल की सजा और अब पीड़ितों के सामने आने से दुनिया भर में 'Me Too' जैसे आंदोलनों को और मजबूती मिली है। पीड़िता का कहना है कि सच बोलना ही उन घावों को भरने का एकमात्र तरीका है।