होर्मुज संकट: ईरान ने अमेरिका पर लगाया 'मार्केट मैनिपुलेशन' का आरोप, कहा- फर्जी खबरों से तेल के दाम गिरा रहा व्हाइट हाउस
तेहरान/वॉशिंगटन, ब्यूरो।मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच अब एक नया 'इन्फॉर्मेशन वॉर' (सूचना युद्ध) शुरू हो गया है। बुधवार (11 मार्च 2026) को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन वैश्विक वित्तीय बाजारों और तेल की कीमतों में हेरफेर करने के लिए 'फर्जी खबरें' (Fake News) फैला रहा है। ईरान का दावा है कि अमेरिका जानबूझकर अपनी सैन्य सफलता के झूठे दावे कर रहा है ताकि बाजार में स्थिरता का भ्रम पैदा कर तेल की गिरती कीमतों का फायदा उठा सके।
क्या है पूरा विवाद? 'डिलीटेड पोस्ट' पर मचा बवाल
ईरान के अनुसार, मंगलवार (10 मार्च) को अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था जिसमें दावा किया गया कि एक अमेरिकी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बिना किसी बाधा के सुरक्षित निकल गया। इस खबर के बाद वैश्विक बाजार में सकारात्मक संदेश गया और तेल की कीमतें तेजी से गिर गईं।
ईरान का आरोप: ईरानी विदेश मंत्री अराघची के मुताबिक, यह खबर पूरी तरह फर्जी थी और बाद में ऊर्जा मंत्री ने अपना पोस्ट डिलीट भी कर दिया।
मार्केट मैनिपुलेशन: अराघची ने X पर लिखा, "अमेरिकी अधिकारी फर्जी खबरें फैलाकर उस 'महंगाई की सुनामी' से खुद को नहीं बचा पाएंगे जो उन्होंने अपनी जनता पर थोपी है। बाजार अब तक की सबसे बड़ी कमी का सामना कर रहे हैं।"
ईरानी सेना की खुली चुनौती: "दुश्मन को एक लीटर तेल भी नहीं जाने देंगे"
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के जनरल अली मोहम्मद नैनी ने अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों को सीधी धमकी दी है। उन्होंने कहा:
"जब तक युद्ध जारी रहेगा, ईरानी सेना इस इलाके से दुश्मन देशों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी। तेल की कीमतों पर कंट्रोल अब ईरान के हाथ में है और अमेरिका की इसे कम करने की सारी कोशिशें नाकाम होंगी।"
अमेरिका का पलटवार: 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और टैंकरों को सुरक्षा
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ईरान की धमकियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
सख्त सैन्य कार्रवाई: लेविट ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने तेल की आपूर्ति रोकने की कोशिश की, तो उसे दुनिया की सबसे ताकतवर सेना से "20 गुना ज्यादा सख्त" जवाब मिलेगा।
टैंकरों का बीमा: ट्रंप प्रशासन ने खाड़ी में काम कर रहे तेल टैंकरों को 'राजनीतिक जोखिम बीमा' (Political Risk Insurance) देने की पेशकश की है।
नेवी एस्कॉर्ट: जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना तेल टैंकरों के साथ चलकर उन्हें सुरक्षित रास्ता मुहैया कराएगी।
प्रतिबंधों में ढील: अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने तेल आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी रूप से ढील भी दी है।
होर्मुज स्ट्रेट: दुनिया की 'ऊर्जा नस'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चेकपॉइंट है। हर साल वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 फीसदी (20%) हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। यहाँ कोई भी रुकावट न केवल तेल की कीमतों को आसमान पर पहुँचा सकती है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकती है।
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि वर्तमान में ईंधन की कीमतों में जो बढ़ोतरी दिख रही है, वह अस्थायी है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि सैन्य अभियान के सफल होने के बाद कीमतें पहले से भी कम हो जाएंगी।