असम में पाकिस्तान फाइल्स पर संग्राम हिमंता का गौरव गोगोई पर देशद्रोह का आरोप
News India Live, Digital Desk: असम विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले, सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में "पाकिस्तान फाइल्स" (SIT रिपोर्ट) का हवाला देते हुए दावा किया कि गौरव गोगोई के संबंध भारत विरोधी ताकतों से हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा के 4 बड़े आरोप (Major Allegations)
गुपचुप पाकिस्तान यात्रा: सीएम ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई 2013 में 10 दिनों के लिए गुपचुप तरीके से पाकिस्तान गए थे, जिसकी जानकारी उन्होंने भारतीय एजेंसियों को नहीं दी। उन्होंने इसे "संदिग्ध ट्रेनिंग" करार दिया।
पत्नी पर जासूसी का आरोप: हिमंता ने दावा किया कि गोगोई की ब्रिटिश पत्नी, एलिजाबेथ कोलबर्न, एक संस्था (LEAD) के लिए काम करते हुए पाकिस्तान से वेतन ले रही थीं और भारत की गोपनीय जानकारी वहां भेज रही थीं।
पाकिस्तानी एजेंट से संबंध: आरोप लगाया गया कि गोगोई परिवार के संबंध पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से हैं, जो भारत के विकास को पटरी से उतारने की साजिश रच रहा है।
संसदीय डेटा का दुरुपयोग: सीएम ने कहा कि गोगोई संसद में जो सवाल पूछते हैं, वे पाकिस्तानी हितों से प्रभावित हो सकते हैं। इस मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसियों (MHA) को सौंप दी गई है।
प्रियंका गांधी का पलटवार (The Response)
आज, 20 फरवरी 2026 को गुवाहाटी में प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को "निचले स्तर की राजनीति" बताया:
"badge of honour": प्रियंका ने कहा कि गौरव गोगोई को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे सही रास्ते पर चल रहे हैं। उनके लिए यह हमला एक 'Badge of Honour' की तरह है।
परिवार को निशाना बनाना गलत: उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी नेता के बच्चों और परिवार को झूठे आरोपों में घसीटना कायराना हरकत है।
असली मुद्दों से ध्यान भटकाना: प्रियंका ने आरोप लगाया कि असम के युवा रोजगार मांग रहे हैं और महिलाएं सुरक्षा, लेकिन सीएम केवल "ध्रुवीकरण" (Polarisation) और "डर" का माहौल पैदा कर रहे हैं क्योंकि वे चुनाव हार रहे हैं।
गौरव गोगोई का पक्ष
गौरव गोगोई ने इन आरोपों को "हास्यास्पद और पागलपन" बताया है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि सरकार के पास कोई सबूत है तो उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी का करियर पारदर्शी है और उनकी पाकिस्तान यात्रा एक अंतरराष्ट्रीय युवा विनिमय कार्यक्रम (Youth Exchange Program) का हिस्सा थी।
विवाद का राजनीतिक प्रभाव
| पक्ष | स्टैंड / रणनीति |
|---|---|
| बीजेपी (BJP) | राष्ट्रवाद और सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरना। 'SIT रिपोर्ट' को चुनावी हथियार बनाना। |
| कांग्रेस (INC) | इसे 'व्यक्तिगत हमला' बताकर सहानुभूति बटोरना और बेरोजगारी व भ्रष्टाचार (Governance) को मुख्य मुद्दा बनाना। |