हिमंता बिस्वा सरमा का तीखा पलटवार ,पवन खेड़ा और खड़गे के बयान पर असम CM का तंज
News India Live, Digital Desk: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपने बेबाक और हमलावर अंदाज के लिए जाने जाते हैं। इस बार उनके निशाने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा हैं। दरअसल, चीन के साथ जारी सीमा विवाद और विदेश नीति को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर हिमंता बिस्वा सरमा ने बेहद सख्त और 'निजी' लहजे में पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की शब्दावली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या देश के विदेश मंत्री उनके 'दामाद' हैं, जो वे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं?
विवाद की जड़: चीन और विदेश नीति पर कांग्रेस के सवाल
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार की विदेश नीति और विशेष रूप से विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ और गांवों के नाम बदले जाने के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कुछ 'अनौपचारिक' टिप्पणियां की थीं। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार चीन के सामने 'लाल आंख' दिखाने के बजाय खामोश बैठी है।
हिमंता का 'दामाद' वाला तंज: मर्यादा पर उठाए सवाल
असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की इस आलोचना को देश के गौरव और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों का अपमान करार दिया। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, "कांग्रेस के नेता जिस तरह से विदेश मंत्री एस. जयशंकर का नाम लेकर टिप्पणी कर रहे हैं, वह बेहद आपत्तिजनक है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि विदेश मंत्री तुम्हारा दामाद है क्या? जो आप इस तरह की हल्की भाषा का उपयोग कर रहे हैं। वे देश के सम्मानित प्रतिनिधि हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का पक्ष मजबूती से रखते हैं।"
"नेहरू की गलतियों को सुधार रहे हैं मोदी": CM सरमा
हिमंता बिस्वा सरमा ने केवल पलटवार ही नहीं किया, बल्कि इतिहास के पन्ने पलटते हुए कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने कहा कि आज चीन जो भी हिमाकत कर रहा है, वह पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय की गई 'हिमालयन ब्लंडर' (बड़ी गलती) का नतीजा है। सीएम सरमा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर मिलकर उन ऐतिहासिक गलतियों को सुधार रहे हैं और भारत की एक इंच जमीन भी किसी को नहीं लेने देंगे।
कांग्रेस बनाम हिमंता: सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि मुख्यमंत्री को गरिमापूर्ण भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए, जबकि भाजपा समर्थकों का तर्क है कि जब कांग्रेस प्रधानमंत्री और मंत्रियों के लिए 'अपशब्दों' का प्रयोग करती है, तो उन्हें उसी भाषा में जवाब मिलना जरूरी है। फिलहाल, असम के मुख्यमंत्री के इस बयान ने आगामी चुनावी माहौल में 'देशभक्ति बनाम विदेश नीति' की बहस को और तेज कर दिया है।