हिजाब विवाद से गरमाई बिहार झारखंड की सियासत जेडीयू ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर साधा निशाना

Post

News India Live, Digital Desk : देशभर में कुछ मुद्दों पर बहस का गरमाना आम बात हो गई है, और 'हिजाब विवाद' (Hijab controversy) ऐसा ही एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसने अब बिहार और झारखंड दोनों राज्यों की राजनीति (Bihar and Jharkhand politics) में हलचल मचा दी है। इस विवाद के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। खास बात यह है कि बिहार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री (Jharkhand Health Minister) इरफान अंसारी (Irfan Ansari) पर तीखा हमला बोला है, जिससे यह सियासी पारा और चढ़ गया है।

इरफान अंसारी पर जेडीयू का राजनीतिक हमला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इरफान अंसारी ने 'हिजाब विवाद' पर कुछ ऐसा बयान दिया है, जिस पर JDU को आपत्ति है। संभवतः उनका बयान इस मामले पर धार्मिक स्वतंत्रता (religious freedom) के पक्ष में रहा होगा या सरकार के किसी फैसले की आलोचना में। JDU ने उनके बयान को तुरंत लपकते हुए उन पर जोरदार पलटवार किया है। JDU नेताओं ने इरफान अंसारी के बयानों को अनावश्यक और धार्मिक सद्भाव (religious harmony) को बिगाड़ने वाला बताया है। उनका कहना है कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर मंत्रियों को सोच-समझकर बोलना चाहिए, ताकि समाज में किसी भी तरह की अशांति न फैले।

इस राजनीतिक हमले (political attack) का मतलब साफ है – दोनों दल एक-दूसरे पर अपनी श्रेष्ठता साबित करने और वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रहे हैं। बिहार और झारखंड में अल्पसंख्यक समुदाय का एक बड़ा वोट बैंक है, और ऐसे मुद्दों पर बयानबाजी अक्सर वोटरों को प्रभावित करती है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी अक्सर अपने बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं, और यह कोई पहली बार नहीं है जब वह विवादों में घिरे हैं।

चुनावी साल और राजनीतिक बयानबाजी

यह विवाद ऐसे समय में आया है जब दोनों राज्यों में आने वाले समय में विधानसभा या लोकसभा चुनाव (assembly and Lok Sabha elections) होने हैं। ऐसे में हर छोटी बात को बड़ा सियासी मुद्दा बनाया जा सकता है। JDU और अन्य दल इस मामले को एक अवसर के तौर पर देख रहे हैं ताकि वे अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा सकें।

यह देखना दिलचस्प होगा कि यह 'हिजाब विवाद' बिहार और झारखंड की राजनीति में और कितनी गहराई तक उतरता है, और इसका आगामी चुनावों पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, दोनों राज्यों में बयानबाजी का सिलसिला तेज़ हो गया है और राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं।