आस्था के महासागर पर आकाशीय पुष्प वर्षा, CM योगी ने हेलीकॉप्टर से गढ़मुक्तेश्वर में श्रद्धालुओं का किया वंदन

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News India Live, Digital Desk: कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर गढ़मुक्तेश्वर की गंगा नगरी आस्था के एक विशाल महासागर में तब्दील हो गई. जहाँ तक नजर जा रही थी, सिर्फ श्रद्धालुओं के सिर ही सिर दिखाई दे रहे थे. 'हर-हर गंगे' के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो रहा था. इसी बीच आसमान में हेलीकॉप्टर की गड़गड़ाहट सुनाई दी और फिर जो हुआ, वो इस ऐतिहासिक मेले के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर से पूरे मेला क्षेत्र का जायजा लिया और गंगा में डुबकी लगा रहे लाखों श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा कर उनका अभिनंदन किया. जैसे ही आसमान से फूलों की पंखुड़ियां गिरनी शुरू हुईं, श्रद्धालुओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था. उन्होंने हाथ हिलाकर और जयकारे लगाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया. यह पल हर किसी के लिए अविस्मरणीय बन गया.

'यह हमारी सनातन संस्कृति का गौरव है' - सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर को उत्तर भारत की एक महत्वपूर्ण और प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर बताया. उन्होंने कहा, "गढ़मुक्तेश्वर का यह गंगा मेला हमारी सनातन संस्कृति का गौरव है. हमारी सरकार का यह कर्तव्य है कि हम इस परंपरा को संरक्षित रखें और यहां आने वाले करोड़ों भक्तों को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण प्रदान करें." उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को कार्तिक पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं.

30 लाख से ज़्यादा भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है, और यही वजह है कि मंगलवार की रात से ही यहां श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था. एक अनुमान के मुताबिक, लगभग 30 लाख से भी ज़्यादा लोगों ने इस पावन अवसर पर गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ कमाया. कई परिवार तो हफ़्तों पहले से यहां आकर तंबुओं में रुकते हैं, जिसे 'कल्पवास' कहा जाता है.

सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम

इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद था. पूरे मेला क्षेत्र को सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की निगरानी में रखा गया था. चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात थे, ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके.

मुख्यमंत्री योगी का यह भावपूर्ण अभिनंदन न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार लम्हा बन गया, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को कितना महत्व देती है.