Heart Health Alert : देर रात तक फोन चलाना पड़ सकता है महंगा, जानें कैसे यह आदत आपके दिल को बना रही है कमजोर

Post

News India Live, Digital Desk : देर रात तक फोन स्क्रॉल करने की आदत सिर्फ आपकी नींद या आंखों को ही नहीं, बल्कि आपके दिल (Heart) को भी गंभीर खतरे में डाल रही है। 'News18' की एक स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, रात को मोबाइल फोन के साथ जागना हृदय रोगों (Cardiovascular diseases) के जोखिम को कई गुना बढ़ा सकता है।

यहाँ बताया गया है कि यह आदत आपके दिल को कैसे प्रभावित करती है

The Hidden Risk: आधुनिक जीवनशैली में 'रिवाइंज बेडटाइम प्रोक्रैस्टिनेशन' (दिन भर के काम के बाद रात को सुकून के लिए फोन चलाना) एक वैश्विक समस्या बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा संबंध हार्ट फेलियर और हाई ब्लड प्रेशर से है।

1. सर्कैडियन रिदम में गड़बड़ी (Circadian Rhythm Disruption)

हमारा शरीर एक प्राकृतिक घड़ी के अनुसार चलता है। रात को फोन से निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) 'मेलाटोनिन' हार्मोन के उत्पादन को रोक देती है। जब नींद का चक्र बिगड़ता है, तो शरीर में तनाव पैदा होता है, जो सीधे हृदय की धड़कन और रक्तचाप (Blood Pressure) को प्रभावित करता है।

2. कोर्टिसोल हार्मोन का बढ़ना (Increased Cortisol)

नींद की कमी और देर रात तक उत्तेजक जानकारी (सोशल मीडिया, न्यूज़) देखने से शरीर में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है। लंबे समय तक कोर्टिसोल का उच्च स्तर धमनियों में सूजन पैदा कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

3. खराब मेटाबॉलिज्म और मोटापा

देर रात तक जागने से अक्सर लोगों को 'मिडनाइट स्नैकिंग' की आदत लग जाती है।

असर: यह इंसुलिन रेजिस्टेंस और मोटापे का कारण बनता है।

दिल का संबंध: बढ़ा हुआ वजन और कोलेस्ट्रॉल सीधे तौर पर दिल की बीमारियों की जड़ हैं।

4. सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम की सक्रियता

रात का समय शरीर के ठीक होने (Repair) का होता है। फोन पर एक्टिव रहने से हमारा 'फाइट-ऑर-फ्लाइट' रिस्पॉन्स सक्रिय रहता है, जिससे दिल को वह आराम नहीं मिल पाता जिसकी उसे जरूरत होती है।

बचाव के लिए क्या करें? (Preventive Steps)

डिजिटल कर्फ्यू (Digital Curfew): सोने से कम से कम 60 मिनट पहले फोन को खुद से दूर कर दें।

ब्लू लाइट फिल्टर: यदि रात में काम करना जरूरी हो, तो फोन में 'नाइट मोड' या ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करें।

बेडरूम को 'टेक-फ्री' बनाएं: अलार्म के लिए फोन के बजाय पारंपरिक घड़ी का उपयोग करें ताकि फोन बेड के पास न रहे।

7-8 घंटे की नींद: सुनिश्चित करें कि आप हर रात पर्याप्त नींद लें ताकि आपके दिल की मरम्मत हो सके।