डेंगू का मच्छर कब सबसे ज्यादा काटता है? डॉक्टरों ने बताया एक्टिव रहने का सही समय, बीमारी से बचने के लिए तुरंत करें ये 5 काम

डेंगू का मच्छर कब सबसे ज्यादा काटता है? डॉक्टरों ने बताया एक्टिव रहने का सही समय, बीमारी से बचने के लिए तुरंत करें ये 5 काम

मानसून और उसके बाद के मौसम में डेंगू का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। अधिकांश लोगों में यह आम गलतफहमी होती है कि सभी मच्छर रात के अंधेरे में या सोते समय ही काटते हैं। लेकिन डेंगू वायरस फैलाने वाला एडीज इजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर बिल्कुल अलग व्यवहार दिखाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों और कीट वैज्ञानिकों (Entomologists) के अनुसार, एडीज मच्छर रात का नहीं बल्कि मुख्य रूप से दिन के उजाले का शिकारी (Day biter) है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संक्रामक रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मच्छर के काटने की सक्रियता पूरे दिन एक समान नहीं रहती। इसके काटने का एक खास जैविक चक्र (Circadian Rhythm) होता है, जिसमें यह दो विशिष्ट समय अवधियों में सबसे ज्यादा आक्रामक और सक्रिय रहता है:

  • सुबह का पीक टाइम: सूर्योदय के ठीक बाद यानी सुबह 6:00 बजे से लेकर 9:00 या 10:00 बजे के बीच एडीज मच्छर सबसे ज्यादा एक्टिव रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चे, मॉर्निंग वॉक करने वाले लोग और दफ्तर के लिए निकलने वाले लोग इस समय सबसे आसान शिकार बनते हैं।

  • शाम का पीक टाइम: सूर्यास्त से ठीक पहले यानी दोपहर बाद 4:00 बजे से लेकर शाम 7:00 बजे के धुंधलके तक यह मच्छर दोबारा बेहद आक्रामक हो जाता है। पार्क में खेलने वाले बच्चों और शाम को बाहर घूमने वालों के लिए यह समय सबसे संवेदनशील होता है।

  • कृत्रिम रोशनी में रात का खतरा: भले ही यह दिन का मच्छर है, लेकिन यदि आपके घर या दफ्तर में तेज इनडोर लाइट्स (Artificial Bright Light) जल रही हों, तो यह रात में भी सक्रिय होकर काट सकता है।

'टाइगर मॉस्किटो' की पहचान और इसके छिपने के ठिकाने

एडीज मच्छर को आम बोलचाल में 'टाइगर मॉस्किटो' भी कहा जाता है क्योंकि इसके काले शरीर और पैरों पर सफेद धारियां (White Stripes) बनी होती हैं। यह मच्छर उड़ने में बहुत ज्यादा ताकतवर नहीं होता और आमतौर पर जमीन से 3 से 4 फीट की ऊंचाई तक ही उड़ पाता है। इसी वजह से यह अक्सर इंसान के पैरों, टखनों, पिंडलियों और कोहनी के निचले हिस्सों पर वार करता है।

घर के अंदर यह अंधेरी और ठंडी जगहों पर आराम करना पसंद करता है:

  • पर्दों के पीछे और सोफे या बेड के नीचे के खाली स्थान।

  • अलमारी के पीछे और कपड़े टांगने वाले स्टैंड्स के बीच।

  • बाथरूम के नम कोने और वॉशबेसिन के नीचे का हिस्सा।

डेंगू से बचाव के लिए तुरंत अपनाएं ये 5 अचूक सुरक्षा उपाय

डेंगू से बचने का सबसे प्रभावी तरीका खुद को और अपने परिवार को मच्छर के काटने से बचाना है। अपने दैनिक जीवन में इन 5 सावधानियों को तत्काल लागू करें:

  • 1. शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें: सुबह और शाम के समय जब भी घर से बाहर निकलें, पूरी आस्तीन की शर्ट, फुल पैंट और मोजे जरूर पहनें। बच्चों को पार्क या स्कूल भेजते समय उनके हाथ-पैर खुले न रहने दें। हल्के रंग के कपड़े पहनना बेहतर होता है, क्योंकि गहरे रंग के कपड़े मच्छरों को अपनी ओर ज्यादा आकर्षित करते हैं।

  • 2. मॉस्किटो रिपेलेंट का नियमित उपयोग: त्वचा के खुले हिस्सों पर डीईईटी (DEET), पिकारिडिन (Picaridin) या प्राकृतिक नीलगिरी/सिट्रोनेला आधारित मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम या स्प्रे लगाएं। बच्चों के कपड़ों पर मॉस्किटो पैच या रोल-ऑन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • 3. 7 दिन से पहले खाली करें ठहरा हुआ साफ पानी: एडीज मच्छर गंदी नालियों में नहीं, बल्कि साफ और स्थिर पानी में अंडे देता है। कूलर, गमलों की प्लेट, एसी की ट्रे, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तन, फूलदान और छत पर पड़े कबाड़ या पुराने टायरों को हफ्ते में कम से कम एक बार पूरी तरह खाली करके सुखाएं।

  • 4. घर की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं: दिन के समय ताजी हवा के लिए खिड़कियां खोलते वक्त यह सुनिश्चित करें कि उन पर बारीक मेश (जाली) लगी हो, ताकि मच्छर अंदर न आ सकें। घर के अंदर मच्छर भगाने वाले वेपोराइजर या कार्ड्स का उपयोग करें।

  • 5. कूलर और पानी की टंकियों में डालें टेमीफॉस या मिट्टी का तेल: यदि किसी बड़े जलस्रोत या कूलर के पानी को तुरंत खाली करना संभव न हो, तो पानी की सतह पर लार्वानाशक रसायन (जैसे टेमीफॉस) या कुछ बूंदें मिट्टी के तेल की डाल दें। इससे पानी की सतह पर ऑक्सीजन की परत टूट जाती है और मच्छरों के लार्वा पनपने से पहले ही नष्ट हो जाते हैं।

यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, आंखों के पीछे असहनीय दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज ऐंठन, या त्वचा पर लाल चकत्ते (Rashes) दिखाई दें, तो इसे सामान्य मौसमी फ्लू न समझें। बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से एस्पिरिन या ब्रूफेन जैसी दवाएं लेने से बचें और तुरंत नजदीकी पैथोलॉजी में जाकर प्लेटलेट काउंट और डेंगू सीरोलॉजी (NS1 Antigen) की जांच करवाएं।