देशभर में मशहूर मुरथल के रेशम ढाबे का कमाल: अब इंसानों की जगह रोबोट परोस रहे हैं गर्मा-गरम परांठे
भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे हरियाणा के जीटी रोड स्थित मुरथल [Murthal] का नाम आते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है और गर्मा-गरम मक्खन से सजे परांठों की सोंधी खुशबू का अहसास होने लगता है। दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर स्थित मुरथल की यह दुनिया भर में मशहूर ढाबा संस्कृति दशकों से अपनी बेहतरीन मेहमाननवाज़ी और लजीज व्यंजनों के लिए जानी जाती रही है। बदलते वक्त और आधुनिक तकनीक के इस दौर में अब मुरथल के ढाबों ने भी खुद को पूरी तरह से हाई-टेक बना लिया है। इसी कड़ी में यहां के सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित [रेशम ढाबा] (Resham Dhaba Murthal) ने एक ऐसा क्रांतिकारी कदम उठाया है, जिसने खाने के शौकीनों और दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों को पूरी तरह से हैरान कर दिया है। अब इस मशहूर ढाबे पर सिर्फ पारंपरिक जायका ही नहीं, बल्कि आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है, जहां इंसानी वेटर के बजाय अत्याधुनिक रोबोट ग्राहकों की टेबल पर लजीज पकवान और परांठे सर्व कर रहे हैं।
रोबोटिक्स तकनीक और आधुनिकता का अनूठा मेल
पारंपरिक ढाबा संस्कृति और अत्याधुनिक तकनीक का यह मेल भारत की बदलती हुई तस्वीर को बहुत ही खूबसूरती से बयां करता है। रेशम ढाबे के प्रबंधकों ने अपने यहां आने वाले ग्राहकों को एक बिल्कुल नया और अनूठा अनुभव देने के लिए हाई-टेक रोबोट्स [Smart Waiter Robots] को अपनी सेवा में शामिल किया है। जैसे ही कोई ग्राहक अपनी पसंद का ऑर्डर काउंटर पर दर्ज कराता है, रसोई घर में तैयार होने वाला गर्मा-गरम खाना सीधे इन स्मार्ट रोबोट्स की ट्रे पर सजा दिया जाता है। पारंपरिक वेटर जहां कई बार भीड़भाड़ और व्यस्तता के कारण ऑर्डर देने में थोड़ा विलंब कर देते हैं, वहीं ये रोबोट्स बिना किसी थकान या देरी के पूरी सटीकता के साथ तय की गई टेबल तक बिना एक पल गंवाए पहुंच जाते हैं। इस आधुनिक प्रयोग ने न केवल ढाबे की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा दिया है, बल्कि यहां आने वाले परिवारों और बच्चों के लिए भी यह आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।
टेबल तक कैसे पहुंचता है आर्डर और क्या है पूरी तकनीक?
लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि आखिर ये रोबोट बिना किसी ड्राइवर या रिमोट के इतनी भीड़भाड़ वाली जगह पर सही टेबल तक कैसे पहुंच जाते हैं। इस अद्भुत तकनीक के पीछे उन्नत सेंसर्स और मैपिंग [Sensors and Navigation Mapping] का इस्तेमाल किया जाता है। ढाबे के फर्श पर विशेष प्रकार के ट्रैक या सेंसर्स सेट किए जाते हैं, जिनकी मदद से ये रोबोट्स बिना किसी से टकराए एक तय रास्ते पर आसानी से आगे बढ़ते हैं। जैसे ही रोबोट ग्राहक की टेबल के पास पहुंचता है, उसमें लगी डिजिटल स्क्रीन या सेंसर के जरिए आवाज या सिग्नल मिलता है, जिससे ग्राहक आसानी से अपनी ट्रे से अपना खाना उठा लेते हैं। खाना उठाने के बाद रोबोट एक बटन दबाने या स्वतः ही वापस अपने चार्जिंग और किचन पॉइंट पर लौट जाता है। इस पूरी स्वचालित प्रक्रिया को देखने के लिए लोग दूर-दूर से इस ढाबे पर खिंचे चले आ रहे हैं।
ग्राहकों का उत्साह और बच्चों में रोबोट्स को लेकर भारी क्रेज
जब से रेशम ढाबे पर इन रोबोट्स ने परांठे परोसने का काम शुरू किया है, तब से यहां आने वाले ग्राहकों की संख्या में और अधिक उछाल देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से वीकेंड [Weekends] के दिनों में जब दिल्ली और आसपास के इलाकों से लोग लॉन्ग ड्राइव पर मुरथल पहुंचते हैं, तो वे इस नए अनुभव का आनंद लेने के लिए विशेष रूप से इसी ढाबे का रुख करते हैं। खाने की टेबल पर जब एक रोबोट हाथ में ट्रे लिए मुस्कुराते हुए और अपनी भाषा में स्वागत करते हुए पहुंचता है, तो बच्चों से लेकर बड़े तक सभी लोग अपने मोबाइल फोन में इस अद्भुत पल को कैद करने के लिए दौड़ पड़ते हैं। ढाबे के मालिक का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य अपने ग्राहकों को पारंपरिक स्वाद के साथ-साथ एक वर्ल्ड-क्लास और फ्यूचरिस्टिक डाइनिंग एक्सपीरियंस देना था, जिसे लोगों ने बेहद सराहा है।
भविष्य के ढाबों की तस्वीर और आतिथ्य सत्कार का नया दौर
मुरथल के रेशम ढाबे की यह अनूठी पहल इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि भारतीय खानपान और आतिथ्य सत्कार [Hospitality Industry] का यह क्षेत्र अब तकनीक को कितनी तेजी से अपना रहा है। आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों और हाईवे के ढाबों पर भी इस तरह की रोबोटिक सेवाओं का विस्तार देखने को मिल सकता है। हालांकि, पारंपरिक वेटर और ढाबे के पुराने अंदाज की अपनी एक अलग ही मिठास है, लेकिन समय के साथ कदम ताल मिलाते हुए इस प्रकार के बदलाव व्यापार को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं। कुल मिलाकर, अगर आप भी मुरथल के मक्खन वाले परांठों का स्वाद लेने के साथ-साथ रोबोट के हाथों परोसे जाने वाले भोजन का आनंद उठाना चाहते हैं, तो रेशम ढाबा इस वक्त हर फूड लवर के लिए एक अनिवार्य डेस्टिनेशन बन चुका है।