हरियाणा का खूंखार अपराधी शाहिद उर्फ आडवाणी एनकाउंटर में ढेर
हरियाणा के कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पुलिस ने एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। राज्य के सबसे खूंखार, शातिर और आतंक का पर्याय बन चुके कुख्यात अपराधी शाहिद उर्फ आडवाणी को पुलिस ने एक भीषण मुठभेड़ (Encounter) के दौरान ढेर कर दिया है। पिछले कई सालों से हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, जबरन वसूली और महिलाओं के खिलाफ गंभीर यौन अपराधों (रेप) जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले इस वांटेड गैंगस्टर पर हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की पुलिस की निगाहें टिकी हुई थीं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शाहिद उर्फ आडवाणी के खिलाफ विभिन्न थानों में 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। इस सफल एनकाउंटर के बाद से इलाके में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस महकमे की चारों तरफ तारीफ हो रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस का कड़ा घेरा और दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग
हरियाणा पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) और स्थानीय जिला पुलिस को पक्की खुफिया सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी शाहिद उर्फ आडवाणी अपने किसी अन्य गुप्त ठिकाने की ओर भागने की फिराक में है और वह किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने नूंह और उसके आसपास के संदिग्ध इलाकों में सघन चेकिंग अभियान और घेराबंदी शुरू कर दी। जब पुलिस टीमों ने एक सुनसान रास्ते पर उसे रुकने का इशारा किया, तो कानून के शिकंजे से बचने के लिए शाहिद ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ और जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई। इस भीषण मुठभेड़ में शाहिद उर्फ आडवाणी को कई गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।
अस्पताल ले जाते समय हुई मौत, मौके से अवैध हथियार और कारतूस बरामद
मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने भारी सुरक्षा के बीच घायल शाहिद को नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच कराई है, जहां से एक अत्याधुनिक विदेशी पिस्तौल, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि शाहिद अपने आपराधिक सिंडिकेट को फिर से सक्रिय करने और क्षेत्र में दहशत का माहौल कायम करने की कोशिश कर रहा था। उसके मारे जाने से उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है और पुलिस अब उसके बाकी गुर्गों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
अपराध की दुनिया में खौफ का दूसरा नाम बना शाहिद उर्फ आडवाणी का काला इतिहास
शाहिद उर्फ आडवाणी का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और खौफनाक रहा है। उस पर सिर्फ लूटपाट और हत्या ही नहीं, बल्कि बेकसूर महिलाओं के साथ रेप जैसी घृणित वारदातों के भी कई मामले दर्ज थे। वह स्थानीय अदालतों से कई मामलों में फरार चल रहा था और पुलिस रिकॉर्ड में उसे 'A-Category' का मोस्ट वॉंटेड अपराधी घोषित किया गया था। उसके खौफ की वजह से आम लोग और गवाह उसके खिलाफ खुलकर बोलने से डरते थे। पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि राज्य में संगठित अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। इस एनकाउंटर ने यह साफ कर दिया है कि कानून का हाथ कितना लंबा होता है और जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों का अंजाम यही होगा।
आधुनिक एआई सर्च और जियो-लोकेशन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में एनकाउंटर की बड़ी खबर
आज के डिजिटल, गूगल, बिंग और आधुनिक एआई सर्च (GEO) के दौर में 'Haryana Gangster Shahid alias Advani Encounter' इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले विषयों में शामिल हो गया है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, और लोग पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) ने भी एनकाउंटर को अंजाम देने वाली टीम की बहादुरी की सराहना की है। यह घटना अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है कि हरियाणा की धरती पर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।