अब मदनपुर रेंज में भी कर सकेंगे जंगल सफारी, 15 किलोमीटर का नया रूट शुरू

अब मदनपुर रेंज में भी कर सकेंगे जंगल सफारी, 15 किलोमीटर का नया रूट शुरू

बिहार का एकमात्र टाइगर रिजर्व यानी वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) इन दिनों देश भर के वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति पर्यटकों के बीच हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। पश्चिम चंपारण जिले के जंगलों में फैला यह रिजर्व अपनी जैव विविधता, घने जंगलों, बहती नदियों और बाघों की बढ़ती संख्या के लिए दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। पर्यटकों के लगातार बढ़ते क्रेज और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने एक बहुत बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। अब वीटीआर के वाल्मीकि नगर और गोनौली रेंजों के अलावा बेहद खूबसूरत और घने जंगलों से घिरे 'मदनपुर रेंज' में भी पर्यटक जंगल सफारी और वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। प्रशासन द्वारा इस रेंज में 15 किलोमीटर लंबा नया टूरिस्ट रूट पूरी तरह से तैयार कर दिया गया है, जिसके शुरू होने से पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

मदनपुर रेंज में क्यों खास है यह नया 15 किलोमीटर का सफारी रूट?

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का मदनपुर रेंज अपनी प्राकृतिक सुंदरता, विविध वनस्पतियों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के लिए जाना जाता है। अब तक यहां पर्यटकों की आवाजाही सीमित थी या इस क्षेत्र को मुख्य पर्यटन मानचित्र पर उस तरह से नहीं खोला गया था जैसा कि अन्य रेंजों में था। लेकिन विभाग ने पर्यटकों की भारी मांग को देखते हुए इस 15 किलोमीटर के नए रूट को विकसित किया है। इस रूट पर सफारी के दौरान पर्यटकों को घने साल के जंगलों, घास के मैदानों और जल स्रोतों के पास से गुजरने का मौका मिलेगा। इस पूरे ट्रैक को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि सफारी के दौरान पर्यटकों को रोमांच का अहसास भी हो और साथ ही वे प्रकृति के बिल्कुल करीब पहुंच सकें। जंगल की यह पगडंडी पक्षी प्रेमियों (Bird Watchers) के लिए भी किसी स्वर्ग से कम नहीं है क्योंकि यहां कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी आसानी से देखे जा सकते हैं।

बाघ, तेंदुए और शाकाहारी वन्यजीवों का सुरक्षित दीदार

बिहार के इस टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ सालों में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से एक बहुत बड़ी सफलता है। मदनपुर रेंज के इस नए 15 किलोमीटर लंबे रूट पर सफारी के दौरान पर्यटकों को बंगाल टाइगर, तेंदुए, भालू, चीतल, सांभर, जंगली सूअर और विभिन्न प्रकार के हिरणों के दर्शन होने की पूरी संभावना है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस रूट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि पर्यटक बिना किसी खतरे के रोमांचक अनुभव ले सकें। हर सफारी वाहन के साथ एक प्रशिक्षित फॉरेस्ट गार्ड या नेचर गाइड मौजूद रहेगा, जो पर्यटकों को जंगल के नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ वन्यजीवों के बारे में रोचक तथ्य भी बताएगा। इसके अलावा, हाथियों के मूवमेंट पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि पर्यटकों की सुरक्षा में कोई चूक न हो।

स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे और टूरिज्म को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा

किसी भी टाइगर रिजर्व या नेशनल पार्क में जब कोई नया रूट खुलता है, तो उसका सबसे बड़ा फायदा वहां के स्थानीय लोगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलता है। मदनपुर रेंज में इस नए सफारी रूट के शुरू होने से पश्चिम चंपारण के इस इलाके में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी। पर्यटकों के आने से स्थानीय स्तर पर जिप ड्राइवर, नेचर गाइड, होमस्टे और छोटे होटलों के कारोबार को पंख लगेंगे। बिहार सरकार और वन विभाग का यह प्रयास है कि इको-टूरिज्म के जरिए स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए ताकि वे भी वन्यजीव संरक्षण के इस महाअभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकें। आने वाले विंटर सीजन को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर बुकिंग और जिप्सी की संख्या बढ़ाने की भी योजना बनाई जा रही है।

ऐसे करें बुकिंग और ध्यान रखें जरूरी दिशा-निर्देश

यदि आप भी इस त्योहारी सीजन या सर्दियों की छुट्टियों में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मदनपुर रेंज में रोमांचक जंगल सफारी का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपको वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या वाल्मीकि नगर स्थित बुकिंग काउंटर से ऑनलाइन/ऑफलाइन परमिट लेना होगा। जंगल सफारी के दौरान कुछ कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है, जैसे गाड़ी से नीचे उतरना मना है, प्लास्टिक या कचरा फैलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है और वन्यजीवों को परेशान करने वाले शोर-शराबे से बचना होता है। इन नियमों का पालन करके ही हम अपने जंगलों और वन्यजीवों को सुरक्षित रख सकते हैं। वीटीआर का यह नया मदनपुर रूट निश्चित रूप से बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक नया मील का पत्थर साबित होगा, जो देश-विदेश के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।