अमेरिका-पाकिस्तान युद्ध छिड़ा तो पाकिस्तान के साथ खड़े होंगे
भारतीय राजनीतिक गलियारों में बयानों के तीर अक्सर राजनेताओं के लिए बड़ी मुसीबत बन जाते हैं और ऐसा ही कुछ इन दिनों राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) के साथ होता नजर आ रहा है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें वे यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि यदि कभी अमेरिका और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो भारत को पड़ोसी होने के नाते पाकिस्तान का समर्थन करना चाहिए। इस बयान के सामने आते ही देश की सियासत में भूचाल आ गया है। विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल खड़े किए हैं। चौतरफा घिरने के बाद अब मदन राठौड़ और पार्टी की ओर से इस पर सफाई दी जा रही है। आइए एक राजनीतिक और ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से गहराई से जानते हैं कि इस पूरे विवाद की असल कहानी क्या है और बयान पर क्यों इतना हंगामा मचा हुआ है।
वायरल वीडियो और भाषण का वह हिस्सा जिस पर गरमाई देश की सियासत
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मदन राठौड़ का एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिया गया भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती से जुड़े एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कूटनीतिक और भू-राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा की थी। वायरल फुटेज के मुताबिक, वे यह कहते सुने गए कि यदि कभी अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कोई टकराव या युद्ध होता है, तो भारत को अपने पड़ोसी देश यानी पाकिस्तान के साथ खड़ा होना चाहिए, क्योंकि वह हमारा पड़ोसी है। हालांकि, इसी बयान में उन्होंने यह भी जोड़ा था कि जब बात भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंधों या विवाद की आती है, तो देश हमेशा अपने देश यानी भारत के साथ खड़ा नजर आता है। लेकिन उनके इस बयान के पहले हिस्से को लेकर सोशल मीडिया पर विरोधियों को बड़ा हथियार मिल गया और देखते ही देखते यह राष्ट्रीय स्तर पर बहस का मुद्दा बन गया।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का तीखा हमला: पूछा- क्या यही है बीजेपी का राष्ट्रवाद?
इस बयान के बाहर आते ही विपक्षी दलों ने बीजेपी को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो पार्टी हर मुद्दे पर दूसरों की देशभक्ति की परीक्षा लेती है, उसके प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान हैरान करने वाला है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी इस बयान से इत्तेफाक रखते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि जब विपक्ष सवाल पूछता है तो उन्हें देशद्रोही करार दिया जाता है, लेकिन जब सत्ताधारी पार्टी का कोई बड़ा नेता पाकिस्तान के पक्ष में खड़े होने की बात करता है, तो उनका राष्ट्रवाद कहां गायब हो जाता है। इस तरह के राजनीतिक हमलों ने इस बयान को एक बड़े राष्ट्रीय विवाद में बदल दिया।
चौतरफा घिरने के बाद मदन राठौड़ की सफाई: बोले- 'मेरे बयान को पूरी तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया'
विपक्ष के तीखे तेवरों और बढ़ते सियासी दबाव को देखते हुए राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की और सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटकर गलत तरीके से पेश किया गया है और उनके कहने का मतलब कुछ और था। राठौड़ ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने वह बात एक खेल या क्रिकेट मैच के उदाहरण के तौर पर समझाई थी, न कि किसी वास्तविक सैन्य युद्ध के संदर्भ में। उनका कहना था कि यदि खेल के मैदान पर भी कोई देश किसी अन्य से खेलता है, तो पड़ोसी होने के नाते समीकरण अलग होते हैं, लेकिन उनके बयान के एक छोटे हिस्से को एडिट करके दुर्भावनापूर्ण तरीके से वायरल किया गया है ताकि उनकी और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
आतंकवाद और देशहित के मुद्दों पर बीजेपी का पक्ष स्पष्ट
विवाद बढ़ने के बाद पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है और यह साफ किया है कि भारत की विदेश नीति और आतंकवाद के खिलाफ पार्टी का रुख हमेशा से पूरी तरह स्पष्ट और कठोर रहा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जो देश भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देता है, उसके प्रति किसी भी प्रकार की नरमी का सवाल ही पैदा नहीं होता। मदन राठौड़ के इस स्पष्टीकरण के बाद भले ही पार्टी ने डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की हो, लेकिन आने वाले दिनों में यह बयान राजनीतिक मंचों पर विरोधियों के लिए एक बड़ा हथियार बना रहेगा, जिस पर बहस अभी थमती हुई नजर नहीं आ रही है।