AQI का आंकड़ा 1100 के पार, देश के टॉप-10 प्रदूषित शहरों में हरियाणा

AQI का आंकड़ा 1100 के पार, देश के टॉप-10 प्रदूषित शहरों में हरियाणा

उत्तर भारत में पराली जलाने के मामलों में हुई बढ़ोतरी और बदलते मौसमी मिजाज के कारण आबो-हवा में विषैला धुंध खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पंजाब के बठिंडा जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं और इसका आंकड़ा 1,100 के पार (1,124 तक) पहुंच गया है। यह स्तर इंसानी फेफड़ों और समग्र स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर आपातकालीन स्थिति का संकेत देता है। बठिंडा के बाद दूसरे स्थान पर हरियाणा का सिरसा जिला रहा, जहां का AQI भी 848 के पार पहुंच गया है। केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर भारत के कई जिले 'डेंजर ज़ोन' में चले गए हैं, जिससे आम जनता के लिए सांस लेना भी दूभर हो गया है।

#1. बठिंडा में धुंध का कहर और वायु गुणवत्ता सूचकांक की गंभीर स्थिति

बठिंडा शहर पिछले कुछ दिनों से घने स्मॉग (Smog) की सफेद चादर में पूरी तरह से लिपटा हुआ है। सुबह और शाम के समय दृश्यता (Visibility) शून्य के करीब पहुंच जाने से सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों ने इसे 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी' जैसी स्थिति करार दिया है। पीएम 2.5 (PM2.5) और पीएम 10 (PM10) के कणों की सघनता सामान्य सुरक्षित सीमा से दर्जनों गुना अधिक पाई गई है। इस जहरीली हवा के सीधे संपर्क में आने से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बठिंडा के जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों को बहुत जरूरी होने पर ही मास्क पहनकर घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

#1. पराली दहन और मौसमी बदलाव बना दमघोंटू हवा का मुख्य कारण

पंजाब के मालवा क्षेत्र में धान की कटाई के पीक सीजन के साथ ही पराली जलाने (Stubble Burning) की घटनाओं में अचानक बड़ा उछाल आया है। उपग्रह तस्वीरों से मिले आंकड़ों और क्षेत्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, हवा की धीमी गति और बढ़ते तापमान के कारण जहरीले कण वायुमंडल के निचले हिस्से में ही जमा होकर रह गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में एक 'पॉल्यूशन ट्रैप' बन गया है। यद्यपि प्रशासन ने किसानों पर जुर्माना लगाने और मशीनरी मुहैया कराने के दावे किए थे, लेकिन धरातल पर किसान गेहूं की बुआई के लिए खेतों को जल्द से जल्द खाली करने की जल्दी में पराली को आग लगाने के लिए मजबूर दिख रहे हैं। इस धुएं ने बठिंडा, फरीदकोट और आसपास के इलाकों में हवा को सांस लेने योग्य नहीं छोड़ा है।

#1. देश के सबसे प्रदूषित टॉप-10 शहरों की सूची और AQI का आंकड़ा

पर्यावरण और प्रदूषण निगरानी संस्थाओं द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर देश के टॉप-10 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची में पूरी तरह से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के शहरों का कब्ज़ा है। इन शहरों में जहरीली हवा का स्तर कुछ इस प्रकार दर्ज किया गया है:

  1. बठिंडा (पंजाब) – AQI: 1,124

  2. सिरसा (हरियाणा) – AQI: 848

  3. रोहतक (हरियाणा) – AQI: 847

  4. फरीदकोट (पंजाब) – AQI: 801

  5. जालंधर (पंजाब) – AQI: 760

  6. मेरठ (उत्तर प्रदेश) – AQI: 678

  7. गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) – AQI: 648

  8. सोनीपत (हरियाणा) – AQI: 585

  9. हिसार (हरियाणा) – AQI: 562

  10. मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) – AQI: 545

#1. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सख्त चेतावनी और बचाव के जरूरी उपाय

बठिंडा और सिरसा सहित पूरे उत्तर भारत में वायु प्रदूषण के इस रिकॉर्ड तोड़ स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की हिदायत दी है। डॉक्टरों के अनुसार, 500 से अधिक AQI का मतलब हवा में सीधे तौर पर जहरीला धुआं खींचना है। इससे आंखों में तेज जलन, गले में खराश, सिरदर्द, अस्थमा के दौरे और सांस लेने में गंभीर तकलीफ हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और देर शाम के समय आउटडोर वॉक या एक्सरसाइज से पूरी तरह परहेज करें। घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें तथा जब भी बाहर निकलना अपरिहार्य हो, तो केवल अच्छी गुणवत्ता वाले N-95 या N-99 मास्क का ही इस्तेमाल करें ताकि फेफड़ों तक खतरनाक कण न पहुंच सकें।