Gut Health: पेट में गैस हो या आंतों में सूजन, डॉक्टर भी मानते हैं इस पीले जादुई जड़ का लोहा

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News India Live, Digital Desk : सर्दियां आते ही हम सबके किचन में सोंठ, अदरक और गुड़ की खुशबू आने लगती है। लेकिन एक चीज़ है जिसे हम अक्सर इग्नोर कर देते हैं, और वो है कच्ची हल्दी। आप जब बाज़ार जाते होंगे, तो सब्ज़ी वाले के पास अदरक जैसी दिखने वाली चमकीली पीली गांठें देखी होंगी। वही असली कच्ची हल्दी है।

हम आमतौर पर डिब्बे बंद हल्दी पाउडर खाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि सूखी हल्दी के मुकाबले 'कच्ची हल्दी' के फायदे सौ गुना ज़्यादा होते हैं? ख़ास तौर पर अगर आपका पेट हमेशा नाज़ुक रहता है, तो यह किसी वरदान से कम नहीं है। आइये, जानते हैं कि इसे आपको अपनी डाइट में क्यों शामिल करना चाहिए।

पेट और आंतों के लिए 'अमृत' (Magic for Gut Health)

आजकल ज़्यादातर बीमारियों की जड़ हमारा पेट होता है। कच्ची हल्दी में 'करक्यूमिन' (Curcumin) की मात्रा सूखी हल्दी से बहुत ज़्यादा और शुद्ध होती है।
यह पेट के लिए एक नेचुरल मरहम की तरह काम करती है। अगर आपको खाना खाने के बाद पेट फूलने (Bloating), गैस बनने या खाना न पचने की दिक्कत है, तो कच्ची हल्दी पाचक रसों (Digestive Juices) को बढ़ाने में मदद करती है। आयुर्वेद कहता है कि यह आंतों की सूजन और घावों को भरने में सबसे तेज असर दिखाती है।

इम्यूनिटी और जोड़ों के दर्द में आराम

सर्दियों में पुराने दर्द और जकड़न वापस लौट आते हैं। कच्ची हल्दी की तासीर गर्म होती है। अगर आपके घुटनों में या कमर में दर्द रहता है, तो इसका सेवन अंदरूनी सूजन (Inflammation) को खींच लेता है। साथ ही, सर्दी-खांसी और बलगम वाली बीमारियों से लड़ने में यह आपके शरीर की 'ढाल' बन जाती है।

खून की सफाई और चेहरे पर ग्लो

लोग पार्लर में जाकर हज़ारों खर्च करते हैं, लेकिन अगर आप अंदर से साफ़ नहीं हैं, तो चेहरे पर रौनक नहीं आएगी। कच्ची हल्दी को बेहतरीन 'ब्लड प्यूरीफायर' (Blood Purifier) माना जाता है। यह खून से टॉक्सिन्स निकालकर लिवर को साफ़ करती है, जिसका सीधा असर आपकी साफ़ और चमकदार त्वचा पर दिखता है।

इसे इस्तेमाल कैसे करें? (खाने का सही तरीका)

पाउडर की जगह इसे इस्तेमाल करना थोड़ा अलग है, लेकिन मुश्किल नहीं:

  1. हल्दी वाला दूध (Golden Milk): रात को सोते समय कच्ची हल्दी के एक छोटे टुकड़े को कूटकर दूध में उबाल लें। आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा गुड़ भी डाल सकते हैं। यह नींद और पेट दोनों के लिए अच्छा है।
  2. हल्दी का अचार: इसे छीलकर पतले टुकड़े कर लें और उसमें नींबू का रस और नमक मिला दें। यह इंस्टेंट अचार खाने के साथ बहुत स्वादिक़ लगता है।
  3. चटनी या सब्जी: जैसे आप अदरक को कूटकर डालते हैं, वैसे ही सब्ज़ी या दाल में ताज़ी हल्दी कसकर डालिये। रंग और स्वाद दोनों गज़ब के आएंगे।

ध्यान दें
चूंकि इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए बहुत ज़्यादा मात्रा में न खाएं। एक दिन में एक छोटा टुकड़ा (लगभग 1 इंच) काफी है।

तो अगली बार जब सब्ज़ी मंडी जाएं, तो उस अदरक जैसी दिखने वाली पीली हल्दी को थैले में डालना न भूलें। यह प्रकृति का दिया हुआ वो तोहफा है जो सर्दियों में आपके डॉक्टर की फीस बचा सकता है!