Gurugram Rape Case : हरियाणा पुलिस की जांच पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जांच के तरीकों पर जताई गहरी नाराजगी
News India Live, Digital Desk: देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने गुरुग्राम के एक चर्चित दुष्कर्म मामले में हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े तेवर दिखाए हैं। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की ढुलमुल कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिस तरह से इस संवेदनशील मामले को संभाला गया, वह बेहद निराशाजनक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब यह केस कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्यशैली पर एक नई बहस छेड़ चुका है।
एसआईटी की जांच पर कोर्ट के तीखे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान हरियाणा पुलिस द्वारा बनाई गई एसआईटी (SIT) की प्रगति रिपोर्ट को नाकाफी बताया। पीठ ने इस बात पर हैरानी जताई कि इतने गंभीर अपराध के बावजूद जांच की रफ्तार इतनी धीमी क्यों है। कोर्ट ने पुलिस के जांच के तरीकों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि जांच केवल कागजों तक ही सीमित है। सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए हरियाणा सरकार और पुलिस महानिदेशक से जवाब तलब किया है कि आखिर आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
पीड़िता को न्याय मिलने में देरी पर चिंता
इस मामले में कोर्ट ने पीड़िता की सुरक्षा और उसे समय पर न्याय मिलने के अधिकार पर जोर दिया। गुरुग्राम जैसे हाई-प्रोफाइल शहर में हुए इस जघन्य अपराध ने महिलाओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर जांच एजेंसियां इसी तरह काम करेंगी, तो आम जनता का न्याय प्रणाली पर से भरोसा उठ सकता है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मामले की अगली सुनवाई तक पुलिस को एक ठोस और विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी होगी, जिसमें अब तक की गई प्रभावी कार्रवाई का जिक्र हो।
पुलिसिया प्रणाली में सुधार की आवश्यकता
गुरुग्राम रेप केस में सुप्रीम कोर्ट की यह सख्ती पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ा संदेश है। जानकारों का मानना है कि इस मामले के बहाने कोर्ट अब राज्यों में एसआईटी के गठन और उनकी कार्यक्षमता की भी निगरानी कर सकता है। पीड़िता के पक्ष ने भी कोर्ट के सामने पुलिस द्वारा सहयोग न करने और मामले को दबाने की कोशिश के आरोप लगाए थे। अब सबकी निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां पुलिस को अपनी निष्पक्षता साबित करनी होगी।