Gupteshwar Mahadev : पोखरा जाएं तो यहाँ जरूर जाना, संकरी गुफाओं से गुजरकर ही मिलते हैं भोलेनाथ
News India Live, Digital Desk : अगर आप नेपाल घूमने का प्लान बना रहे हैं, खासकर पोखरा (Pokhara), तो वहां सिर्फ झीलें और पहाड़ ही नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी जगह भी है जो आपको रोमांचित भी करेगी और थोड़ा डराएगी भी। हम बात कर रहे हैं 'गुप्तेश्वर महादेव' (Gupteshwar Mahadev) मंदिर की।
यह कोई साधारण मंदिर नहीं है जहाँ आप सड़क से गए और दर्शन कर लिए। यह मंदिर रोमांच, रहस्य और आस्था का एक अद्भुत संगम है।
पाताल लोक जैसी फीलिंग!
इस मंदिर तक पहुँचने के लिए आपको जमीन से काफी नीचे, एक गहरी और अंधेरी गुफा (Cave) में उतरना पड़ता है। इसे नेपाल का सबसे लंबा गुफा मंदिर माना जाता है। जैसे-जैसे आप सीढ़ियां उतरते हैं, सूरज की रोशनी कम होती जाती है और माहौल में ठंडक बढ़ जाती है। ऐसा लगता है मानो हम सचमुच किसी पाताल लोक में जा रहे हों।
स्वयं प्रकट हुआ था शिवलिंग
वहां के स्थानीय लोग बताते हैं कि इस शिवलिंग को किसी ने बनाया नहीं है, बल्कि यह स्वयंभू (Self-manifested) है। यानी गुफा के अंदर चट्टानों से यह शिवलिंग खुद-ब-खुद उभरा है। यही वजह है कि इसे इतना जागृत और पवित्र माना जाता है। सदियों से साधु-संत यहाँ आकर तपस्या करते रहे हैं।
झरने का रहस्य
इस गुफा की सबसे खास और डरावनी बात है पानी की वो गूंजती आवाज! दरअसल, गुफा के आगे जाने पर मशहूर 'डेविस फॉल' (Patale Chhango) का पानी इसी गुफा के अंदर गिरता है। पत्थरों के बीच से, अंधेरे में गिरता हुआ वो पानी और उसकी दहाड़ सुनकर अच्छे-अच्छों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बारिश के दिनों में तो पानी इतना बढ़ जाता है कि गुफा के अंदर जाने की मनाही हो जाती है।
सांस लेना भी अलग अनुभव
जब आप संकरी दीवारों के बीच से होकर शिवलिंग के पास पहुँचते हैं, तो वहाँ की हवा में नमी और चट्टानों की खुशबू एक अलग ही शांति देती है। दीवारों पर टपकता पानी और मद्धम रोशनी आपको बाहरी दुनिया के शोर से एकदम काट देती है।
कैसे पहुंचें?
पोखरा शहर नेपाल के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक है। काठमांडू से आप यहाँ बस या फ्लाइट से आ सकते हैं। पोखरा बस स्टैंड से यह गुफा (मंदिर) सिर्फ 2-3 किलोमीटर दूर है। अगर आप एडवेंचर और भक्ति दोनों एक साथ चाहते हैं, तो गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन करना न भूलें।