GST Relief : पेट्रोल की चिंता छोड़ें, गडकरी का प्लान जो देश का 16 लाख करोड़ बचाएगा और किसानों को अमीर बनाएगा.

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News India Live, Digital Desk: GST Relief :  देश में जब से E20 फ्यूल (20% इथेनॉल वाला पेट्रोल) को बढ़ावा दिया जा रहा है, तब से ही इसे लेकर बहस छिड़ी हुई है. कई लोगों और एक्सपर्ट्स ने यह कहकर चिंता जताई है कि यह नया फ्यूल गाड़ियों के इंजन के लिए ठीक नहीं है और इससे माइलेज पर भी बुरा असर पड़ता है. अब इन तमाम आलोचनाओं और सवालों के बीच, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी खुद मैदान में उतर आए हैं. उन्होंने इन सभी चिंताओं को "राजनीति से प्रेरित एक पेड अभियान" बताकर सिरे से खारिज कर दिया है.

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, नितिन गडकरी ने साफ किया कि सरकार का यह कदम देश, पर्यावरण और किसानों, तीनों के हित में है और इससे पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता.

गडकरी ने आलोचकों को कैसे दिया जवाब?

नितिन गडकरी ने E20 फ्यूल के फायदों को गिनाते हुए कहा:

  1. प्रदूषण में भारी कमी: उन्होंने बताया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कार्बन मोनोऑक्साइड के उत्सर्जन में 50% (मोटरसाइकिल में) और 30% (कारों में) तक की कमी आती है, जो इसे पर्यावरण के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है.
  2. देश का पैसा बचेगा: गडकरी ने जोर देकर कहा कि इथेनॉल को बढ़ावा देने का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल के आयात पर हमारी निर्भरता को कम करना है. भारत हर साल लगभग 16 लाख करोड़ रुपये का कच्चा तेल खरीदता है. अगर हम इथेनॉल जैसे घरेलू और सस्ते ईंधन का इस्तेमाल बढ़ाएंगे, तो यह पैसा देश में ही रहेगा और किसानों की जेब में जाएगा.
  3. किसानों की आय बढ़ेगी: उन्होंने कहा, "यह ईंधन किसानों के जीवन को बदलने वाला है. यह अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाएगा." इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने, मक्के और चावल जैसे कृषि उत्पादों से बनता है. इसकी मांग बढ़ने से सीधे तौर पर किसानों की आय बढ़ेगी.

"इंजन की कोई समस्या नहीं, सब टेस्ट हो चुका है"

गाड़ियों के इंजन पर E20 फ्यूल के असर को लेकर उठ रहे सवालों पर गडकरी ने कहा कि सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने नए बीएस-6 फेज 2 इंजनों को E20 के अनुकूल (compatible) बनाया है और लॉन्च करने से पहले हर तरह की टेस्टिंग की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी को भी कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए.

पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर GST में छूट की मांग

E20 पर अपना पक्ष रखने के साथ-साथ, गडकरी ने एक और बड़ी बात कही जो सीधे तौर पर आम आदमी की जेब से जुड़ी है. उन्होंने वित्त मंत्रालय से अपील की है कि जो लोग अपनी पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (कबाड़ में देकर) करके नई गाड़ियां खरीदते हैं, उन्हें GST में कुछ राहत दी जानी चाहिए.

उन्होंने कहा, "स्क्रैपिंग पॉलिसी प्रदूषण कम करने के लिए बहुत ज़रूरी है और मैं खुद इस मामले पर वित्त मंत्री से बात कर रहा हूं." अगर यह मांग मान ली जाती है, तो नई गाड़ी खरीदना सस्ता हो सकता है और सड़कों से पुरानी, प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियां भी कम होंगी.

नितिन गडकरी का यह बयान साफ करता है कि सरकार वैकल्पिक ईंधन और प्रदूषण नियंत्रण की अपनी नीतियों को लेकर पूरी तरह से दृढ़ है और किसी भी तरह के दबाव में पीछे नहीं हटेगी.