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April 10 2026 02:19 pm

Government Jobs : काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों और कर्मचारियों की लगी लॉटरी, योगी सरकार ने दिया राज्य कर्मचारी का दर्जा

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News India Live, Digital Desk: काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा की सेवा करने वाले पुजारियों, अर्चकों और कर्मचारियों के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. दशकों से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए सरकार ने इन सभी को राज्य कर्मचारी का दर्जा दे दिया है. इस फैसले के साथ ही मंदिर के कर्मचारियों की सैलरी में भी लगभग तीन गुना तक की भारी बढ़ोतरी की गई है और पहली बार उनकी सेवा नियमावली भी लागू कर दी गई है.

दशकों का इंतजार हुआ खत्म, मिला सम्मान

काशी विश्वनाथ मंदिर के कर्मचारी लंबे समय से सरकारी कर्मचारी का दर्जा और एक निश्चित वेतनमान की मांग कर रहे थे. अब तक उन्हें एक निश्चित मानदेय ही मिलता था, जो काफी कम था. लेकिन अब सेवा नियमावली लागू होने के बाद, उन्हें न सिर्फ राज्य कर्मचारियों की तरह वेतन मिलेगा, बल्कि अन्य सरकारी सुविधाएं जैसे कि महंगाई भत्ता (DA) और वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ भी मिलेगा. इस फैसले से मंदिर के लगभग 145 कर्मचारियों और 35 पुजारियों-अर्चकों के जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आएगा.

सैलरी में हुई बंपर बढ़ोतरी

इस नए नियम के लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में जबरदस्त इजाफा हुआ है. उदाहरण के लिए:

  • मुख्य कार्यपालक अधिकारी: का वेतन 37,400 रुपये से बढ़कर 1,44,200 रुपये हो गया है.
  • अपर मुख्य कार्यपालक: का वेतन 15,600 रुपये से बढ़कर 78,800 रुपये हो गया है.
  • पुजारियों और अर्चकों: का मानदेय भी 9,500 रुपये से बढ़ाकर 28,600 रुपये कर दिया गया है.
  • सफाईकर्मियों: तक की सैलरी 4,900 रुपये से बढ़कर 17,700 रुपये हो गई है.

सेवा नियमावली लागू, अब सब कुछ होगा तय

सैलरी बढ़ने के साथ ही, पहली बार मंदिर में सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई है. इसका मतलब है कि अब कर्मचारियों की भर्ती, उनकी योग्यता, प्रमोशन, छुट्टियों के नियम और रिटायरमेंट की प्रक्रिया, सब कुछ सरकारी नियमों के तहत ही होगा. इससे पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों का भविष्य भी सुरक्षित होगा.

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की 104वीं बोर्ड बैठक में इस ऐतिहासिक फैसले पर मुहर लगाई गई. यह फैसला न सिर्फ मंदिर के कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा, बल्कि उन्हें एक सामाजिक सुरक्षा और सम्मान भी प्रदान करेगा. योगी सरकार का यह कदम काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के भव्य निर्माण के बाद मंदिर की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है