Bihar Politics : बिहार में नीतीश युग का अंत 14 या 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण, गांधी मैदान खाली करने का आदेश
News India Live, Digital Desk: बिहार की सियासत में एक बहुत बड़े बदलाव की पटकथा लिखी जा चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद अब प्रदेश में नई सरकार के गठन की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है कि बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आगामी 14 या 15 अप्रैल को हो सकता है। प्रशासन ने इस ऐतिहासिक पल के लिए पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान को खाली रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे साफ है कि यह समारोह बेहद भव्य होने वाला है।
नीतीश कुमार का इस्तीफा और राज्यसभा की शपथ
राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार, नीतीश कुमार ने 30 मार्च 2026 को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वे आज, यानी 10 अप्रैल 2026 को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। नियम के मुताबिक, सांसद बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा। माना जा रहा है कि दिल्ली से लौटते ही नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे, जिसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
गांधी मैदान बनेगा नए बिहार का गवाह, सुरक्षा चाक-चौबंद
शपथ ग्रहण समारोह की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने गांधी मैदान का मुआयना किया है। किसी भी अन्य कार्यक्रम के लिए मैदान की बुकिंग पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और समारोह स्थल को अभेद्य किले में तब्दील करने की योजना है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
कौन होगा अगला मुख्यमंत्री? सस्पेंस बरकरार
भले ही भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के गठन की सुगबुगाहट तेज है, लेकिन 'अगला मुख्यमंत्री कौन?' इस सवाल पर अब भी सस्पेंस बना हुआ है। भाजपा की कोर कमेटी की बैठक दिल्ली में होने जा रही है, जिसमें नए नेता के नाम पर मुहर लग सकती है। रेस में सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और नित्यानंद राय जैसे कद्दावर नेताओं के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, पार्टी किसी चौंकाने वाले नाम को भी सामने ला सकती है, जो 2025 के शानदार चुनावी नतीजों के बाद राज्य की कमान संभालेगा।
एनडीए में भाईचारे का संदेश, विपक्ष की पैनी नजर
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि बिहार में एनडीए की सरकार अटूट है और यहां 'छोटे या बड़े भाई' जैसा कोई विवाद नहीं है। उधर, विपक्षी खेमा भी इस पूरी हलचल पर पैनी नजर रखे हुए है। दो दशक तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक संरचना में क्या बदलाव आएंगे, इसे लेकर पूरे देश की निगाहें अब पटना और दिल्ली की गतिविधियों पर टिकी हैं।