BREAKING:
April 10 2026 03:24 pm

दिल्ली में भाजपा की सुपर बैठक, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के नाम पर लगेगी मुहर? जानें क्या है मिशन 2025 का प्लान

Post

News India Live, Digital Desk: बिहार की सत्ता में होने जा रहे ऐतिहासिक बदलाव के बीच आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद अब सबकी निगाहें देश की राजधानी दिल्ली पर टिकी हैं, जहाँ भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की 'कोर ग्रुप' बैठक होने जा रही है। गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक का एकमात्र एजेंडा है बिहार का अगला मुख्यमंत्री। सूत्रों का दावा है कि आज शाम तक बिहार के नए 'कैप्टन' के नाम का ऐलान हो सकता है, जो 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए के रथ को आगे ले जाएगा।

दिल्ली में महामंथन: इन चेहरों के बीच फंसा है पेंच

आज होने वाली बैठक में बिहार भाजपा के बड़े नेता भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री पद की रेस में फिलहाल दो नाम सबसे आगे चल रहे हैं:

सम्राट चौधरी: वर्तमान डिप्टी सीएम और पार्टी के कद्दावर ओबीसी नेता। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का उन पर अटूट भरोसा है और वे नीतीश कुमार के भी पसंदीदा माने जाते हैं।

विजय कुमार सिन्हा: विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान डिप्टी सीएम। अपने बेबाक अंदाज और संगठन पर पकड़ के कारण वे भी मुख्यमंत्री की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं।

नित्यानंद राय: यादव समीकरण को साधने के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के नाम पर भी चर्चा हो सकती है, हालांकि उनके केंद्र में ही बने रहने की संभावना अधिक है।

क्या होगा आज की बैठक का मुख्य एजेंडा?

बैठक सिर्फ मुख्यमंत्री के नाम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें आगामी सरकार की पूरी रूपरेखा तय की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में इन बिंदुओं पर चर्चा होगी:

नए मंत्रिमंडल का स्वरूप: भाजपा इस बार अपनी कैबिनेट में नए और युवा चेहरों को जगह देना चाहती है।

जदयू (JDU) की भूमिका: नीतीश कुमार के जाने के बाद सरकार में जदयू के कोटे के मंत्रियों और उनके विभागों पर नए सिरे से विचार होगा।

शपथ ग्रहण की तिथि: प्रशासन ने 14 या 15 अप्रैल का समय तय किया है, जिस पर आज केंद्रीय नेतृत्व अपनी अंतिम मुहर लगाएगा।

पटना से दिल्ली तक हलचल: गांधी मैदान में भव्य तैयारी

एक तरफ दिल्ली में बैठक चल रही है, तो दूसरी तरफ पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की भव्य तैयारियां शुरू हो गई हैं। पंडाल बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम तैनात कर दी गई है। यह पहली बार होगा जब बिहार में भाजपा का अपना मुख्यमंत्री शपथ लेगा, जिसे पार्टी एक शक्ति प्रदर्शन (Power Show) के रूप में देख रही है।

विपक्ष का हमला: "सत्ता की बंदरबांट" में जुटी भाजपा

उधर, राजद (RJD) और कांग्रेस ने भाजपा की इस कवायद पर तंज कसा है। विपक्ष का कहना है कि बिहार की जनता की समस्याओं को छोड़कर भाजपा नेता केवल कुर्सी के बंटवारे में व्यस्त हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में अब 'रिमोट कंट्रोल' वाली सरकार आने वाली है। हालांकि, भाजपा नेताओं का कहना है कि यह बदलाव बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए किया गया एक साहसिक कदम है।