UP Final Voter List : उत्तर प्रदेश में वोटरों की नई फौज तैयार, चुनाव आयोग ने जारी किए अंतिम आंकड़े
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की नई और अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। महीनों तक चले विशेष पुनरीक्षण अभियान और घर-घर सत्यापन के बाद अब यूपी के मतदाताओं की अंतिम तस्वीर साफ हो गई है। आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या अब एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि इस बार की सूची में आधी आबादी और युवा वोटरों ने बड़ी छलांग लगाई है, जो आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेंगे।
करोड़ों में है मतदाताओं की संख्या: निर्वाचन आयोग ने पेश किया लेखा-जोखा
चुनाव आयोग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अब कुल मतदाताओं की संख्या 15.39 करोड़ के पार पहुंच गई है। इनमें पुरुष और महिला मतदाताओं के साथ-साथ थर्ड जेंडर के वोटरों का भी सटीक डेटा जारी किया गया है। आयोग ने बताया कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण के दौरान जहाँ लाखों फर्जी और डुप्लीकेट नाम हटाए गए, वहीं करोड़ों नए पात्र नागरिकों को सूची में जगह दी गई है। यह दुनिया की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायदों में से एक मानी जा रही है।
महिला मतदाताओं ने रचा इतिहास, सुधरा जेंडर रेशियो
इस बार की मतदाता सूची की सबसे बड़ी उपलब्धि 'जेंडर रेशियो' (लिंगानुपात) में आया सुधार है। प्रदेश में महिला मतदाताओं की पंजीकरण दर में जबरदस्त इजाफा हुआ है। पहले की तुलना में अब पुरुष और महिला मतदाताओं के बीच का अंतर कम हुआ है। आयोग का 'मिशन शक्ति' और जागरूकता अभियान रंग लाया है, जिसके चलते ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज कराया है।
युवा शक्ति का उदय: 18-19 साल के लाखों नए चेहरे शामिल
लोकतंत्र के इस सबसे बड़े डेटाबेस में युवाओं की भागीदारी सबसे चौंकाने वाली है। 18 से 19 साल की उम्र के लाखों युवा ऐसे हैं जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। डिजिटल इंडिया के दौर में ऑनलाइन आवेदनों की बाढ़ आ गई थी, जिसकी वजह से पहली बार मतदान करने वाले (First Time Voters) युवाओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। इन युवाओं को लुभाने के लिए अब सभी राजनीतिक दलों ने अपनी सोशल मीडिया रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है।
पारदर्शी चुनाव के लिए हटाया गया कचरा
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह सूची अब तक की सबसे शुद्ध सूची है। सॉफ्टवेयर और एआई (AI) तकनीक की मदद से उन नामों को हटा दिया गया है जो एक से अधिक जगहों पर दर्ज थे। इसके अलावा, मृतकों के नाम हटाने के लिए भी विशेष अभियान चलाया गया था। आयोग का लक्ष्य है कि 'एक व्यक्ति, एक वोट' की नीति का सख्ती से पालन हो, ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी चुनाव में गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।