UP में काम करने वाले बिहारियों के लिए खुशखबरी, वोट डालने के लिए 6 और 11 नवंबर को मिलेगी छुट्टी
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश में काम करने वाले बिहार के लाखों प्रवासी मजदूरों और कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मतदान को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने यह ऐलान किया है कि जो भी कर्मचारी बिहार के मतदाता हैं, उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश (Paid Leave) दिया जाएगा।
यह फैसला भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के निर्देशों के बाद लिया गया है, ताकि कोई भी नागरिक सिर्फ इस वजह से वोट डालने से वंचित न रह जाए कि वह अपने गृह राज्य से बाहर काम कर रहा है।
किन तारीखों को मिलेगी छुट्टी?
बिहार में अलग-अलग चरणों में होने वाले चुनाव के मद्देनजर, यूपी में काम करने वाले बिहार के मतदाताओं को मुख्य रूप से दो तारीखों पर छुट्टी दी जाएगी, जो वहां के मतदान की प्रमुख तिथियां हैं:
- 6 नवंबर 2025
- 11 नवंबर 2025
इन तारीखों पर जिन-जिन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होंगे, वहां के रजिस्टर्ड मतदाता, जो उत्तर प्रदेश के किसी भी निजी या सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग, दुकान या प्रतिष्ठान में काम करते हैं, इस पेड लीव के हकदार होंगे।
क्या कहता है सरकारी आदेश?
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की ओर से जारी किए गए आदेश में यह साफ कहा गया है कि:
- बिहार राज्य के सभी मतदाता, जो उत्तर प्रदेश में कार्यरत हैं, उन्हें मतदान के दिन यानी 6 और 11 नवंबर को अवकाश प्रदान किया जाएगा।
- यह एक 'सवैतनिक अवकाश' होगा, जिसका मतलब है कि इस छुट्टी के लिए कर्मचारियों के वेतन से किसी भी तरह की कोई कटौती नहीं की जाएगी।
- यह आदेश प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DMs) और विभागाध्यक्षों को भेज दिया गया है ताकि इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा सके।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों और लखनऊ, कानपुर, नोएडा जैसे बड़े शहरों में बिहार के लाखों लोग काम करते हैं। ये लोग बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण वोटर समूह हैं। अक्सर काम और छुट्टी न मिल पाने के कारण ये लोग वोट डालने अपने गांव नहीं जा पाते थे।
सरकार के इस फैसले से अब इन लाखों प्रवासियों के लिए अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करना आसान हो जाएगा, जिससे बिहार चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ने की भी पूरी उम्मीद है। यह लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है, जहां हर एक वोट के महत्व को समझा जा रहा है।