Bihar Congress Crisis : बिहार कांग्रेस में बड़ी टूट की आहट आनंद माधव और सुधीर कुमार पर गिरेगी गाज, पार्टी ने शुरू की सर्जिकल स्ट्राइक

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News India Live, Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार कांग्रेस के भीतर गुटबाजी (Factionalism) चरम पर पहुँच गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच छिड़ी इस जंग ने अब अनुशासनात्मक कार्रवाई का रूप ले लिया है। कांग्रेस आलाकमान ने कड़ा रुख अपनाते हुए संकेत दिए हैं कि आनंद माधव और सुधीर कुमार जैसे बड़े चेहरों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

क्यों आमने-सामने हैं दिग्गज?

बिहार कांग्रेस के गलियारों में चर्चा है कि पार्टी के भीतर 'पुराने बनाम नए' कार्यकर्ताओं की जंग तेज हो गई है। आनंद माधव और सुधीर कुमार पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और संगठन के फैसलों को चुनौती देने के गंभीर आरोप लगे हैं।

आरोप: पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों से दूरी बनाना और समानांतर बैठकें करना।

अनुशासन समिति की नजर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी (BPCC) की अनुशासन समिति ने इन नेताओं के हालिया बयानों और गतिविधियों की एक फाइल तैयार की है।

पार्टी की चेतावनी: 'अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं'

बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, आनंद माधव और सुधीर कुमार को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया जा सकता है।

"संगठन की एकजुटता सबसे ऊपर है। जो भी नेता पार्टी की मर्यादा को लांघेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।" - विभागीय सूत्र, बिहार कांग्रेस

क्या बिहार में कमजोर होगी कांग्रेस?

एक तरफ जहाँ कांग्रेस महागठबंधन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं पार्टी के भीतर की यह कलह आगामी चुनावों में भारी पड़ सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस गुटबाजी को नहीं रोका गया, तो इसका सीधा फायदा विपक्षी दलों (BJP-JDU) को मिल सकता है।

अगला कदम क्या होगा?

आने वाले 48 घंटों में दिल्ली दरबार से बिहार कांग्रेस के लिए कड़े निर्देश आ सकते हैं। चर्चा यह भी है कि कुछ नेताओं को पार्टी से निलंबित (Suspend) भी किया जा सकता है ताकि अन्य बागियों को कड़ा संदेश दिया जा सके।