बिहार में शराबबंदी के 9 साल 4.5 करोड़ लीटर शराब जब्त और 16 लाख गिरफ्तार, मंत्री अशोक चौधरी ने पेश किए आंकड़े
News India Live, Digital Desk: बिहार में अप्रैल 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी को लेकर नीतीश सरकार ने सदन में अपनी रिपोर्ट कार्ड पेश की है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने विधान परिषद में एक ध्यानाकर्षण सूचना का जवाब देते हुए बताया कि राज्य में अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान युद्ध स्तर पर जारी है।
1. 9 वर्षों का 'एक्शन' रिपोर्ट कार्ड (2016 - 31 दिसंबर 2025)
मंत्री अशोक चौधरी द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़े इस प्रकार हैं:
कुल गिरफ्तारियां: शराबबंदी कानून के उल्लंघन के आरोप में अब तक 16 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
शराब की जब्ती: राज्य भर में लगभग 4.5 करोड़ लीटर (450 लाख लीटर) अवैध शराब जब्त की गई है।
दर्ज मुकदमे: इस अवधि के दौरान कुल 10 लाख से ज्यादा FIR दर्ज की गई हैं।
वाहनों की जब्ती: शराब तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 1.60 लाख वाहनों को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
2. 'सूखे नशे' (Dry Addiction) पर सरकार की चिंता
सदन में जदयू एमएलसी रवींद्र प्रसाद सिंह द्वारा बच्चों में 'थिनर' और 'सॉल्यूशन' जैसे नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल उठाया गया था। इस पर मंत्री ने कहा:
नया खतरा: शराबबंदी के बाद राज्य में 'सूखा नशा' (गांजा, अफीम, कफ सिरप) की तस्करी बढ़ी है।
जब्ती: पिछले वर्षों में 15,800 किलो गांजा, 240 किलो अफीम, 350 किलो चरस और 40,000 लीटर कफ सिरप बरामद किया गया है।
जागरूकता अभियान: सरकार अब स्कूलों और विश्वविद्यालयों में 'लेक्चर सीरीज' आयोजित करने और मशहूर हस्तियों (Celebrities) को ब्रांड एंबेसडर बनाने पर विचार कर रही है।
3. सीमावर्ती इलाकों में चौकसी
अशोक चौधरी ने बताया कि पड़ोसी राज्यों (खासकर उत्तर प्रदेश) की सीमा पर शराब की दुकानों की संख्या बढ़ी है, जिससे तस्करी की चुनौती बढ़ गई है।
चेकपोस्ट: उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर 22, पश्चिम बंगाल पर 8, झारखंड पर 19 और नेपाल बॉर्डर पर 17 स्थाई चेकपोस्ट बनाए गए हैं।
तकनीक का उपयोग: सभी चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे और ब्रेथ एनालाइजर का उपयोग किया जा रहा है।
विपक्ष का रुख
आरजेडी (RJD) और अन्य विपक्षी दलों ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां यह साबित करती हैं कि शराबबंदी धरातल पर फेल है और होम डिलीवरी का धंधा फल-फूल रहा है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी वादा किया है कि सत्ता में आने पर वे इस कानून को खत्म कर देंगे।