झारखंड में राज्यसभा की 2 सीटों पर जंग, कांग्रेस ने ठोका दावा; जानें क्या कहता है विधानसभा का गणित

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 News India Live, Digital Desk: झारखंड की सियासत में एक बार फिर राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। साल 2026 में झारखंड से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं, जिसे लेकर सत्ताधारी गठबंधन (JMM-Congress) और विपक्षी दल बीजेपी (BJP) ने अपनी-अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। इस रेस में कांग्रेस के ताजा दावे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

किन दो सीटों पर होना है चुनाव?

झारखंड से राज्यसभा की जिन दो सीटों पर मुकाबला होना है, उनकी स्थिति कुछ इस प्रकार है:

शिबू सोरेन की सीट: यह सीट 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन के निधन (4 अगस्त 2025) के बाद से रिक्त है। उनका कार्यकाल जून 2026 तक था।

दीपक प्रकाश की सीट: बीजेपी नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है।

कांग्रेस का 'दावा' और गठबंधन में खिंचतान

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की ओर से एक सीट पर कांग्रेस का दावा ठोक कर झामुमो (JMM) की चिंता बढ़ा दी है। कांग्रेस का तर्क है कि गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका निभा रही झामुमो को इस बार एक सीट अपने सहयोगी के लिए छोड़नी चाहिए। हालांकि, झामुमो अपने संख्या बल के आधार पर सीट छोड़ने के मूड में नजर नहीं आ रही है।

क्या कहता है विधानसभा का 'नंबर गेम'?

झारखंड विधानसभा में वर्तमान दलीय स्थिति के अनुसार, एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 27 से 28 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होगी:

पार्टी / गठबंधनविधायकों की संख्या (लगभग)राज्यसभा गणित
JMM (झामुमो)34एक सीट पर जीत पूरी तरह सुनिश्चित।
BJP (भाजपा)21दूसरी सीट के लिए अन्य दलों के समर्थन की जरूरत।
Congress (कांग्रेस)16गठबंधन के सहारे एक सीट पर नजर।
अन्य (AJSU, JDU, RJD)10किंगमेकर की भूमिका में।

दूसरी सीट पर फंसेगा पेंच?

झामुमो अपने 34 विधायकों के दम पर एक सीट आसानी से निकाल लेगी, लेकिन दूसरी सीट के लिए असली 'खेला' होगा। भाजपा के पास 21 विधायक हैं और उसे जीत के लिए 6-7 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। वहीं, अगर कांग्रेस और राजद मिलकर झामुमो के बचे हुए वोटों के साथ तालमेल बैठाते हैं, तो मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा हो सकता है।