Gold Silver Price Today: सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, लगातार तीसरे दिन लुढ़का सोना; चांदी में भी भारी बिकवाली, जानें ताजा रेट
नई दिल्ली/मुंबई। सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। शनिवार, 7 फरवरी को लगातार तीसरे दिन सोने और चांदी के भाव नीचे आए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी और घरेलू मांग में कमी के चलते राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई तक सोने के दाम गिर गए हैं। चांदी में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और यह अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ गई है।
निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है, क्योंकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातुओं में फिलहाल तेजी का दौर थमता नजर आ रहा है।
देश के बड़े शहरों में सोने का ताजा भाव (7 फरवरी 2026)
आज सुबह दिल्ली, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | 22 कैरेट (₹/10 ग्राम) | 24 कैरेट (₹/10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,41,040 | ₹1,53,850 |
| मुंबई | ₹1,40,890 | ₹1,53,700 |
| लखनऊ | ₹1,41,040 | ₹1,53,850 |
| अहमदाबाद | ₹1,40,940 | ₹1,53,750 |
| चेन्नई | ₹1,40,890 | ₹1,53,700 |
| जयपुर | ₹1,41,040 | ₹1,53,850 |
चांदी की कीमतों में कोहराम: 4 लाख से गिरकर 2.74 लाख पर आई
सोने के साथ-साथ चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 7 फरवरी की सुबह चांदी की कीमत लुढ़ककर ₹2,74,900 प्रति किलोग्राम पर आ गई है। गौर करने वाली बात यह है कि 30 जनवरी को चांदी ₹4 लाख के स्तर को पार कर गई थी।
निर्मल बंग सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट कुणाल शाह के अनुसार, चांदी में अब उछाल पर बिकवाली की सलाह है। अत्यधिक उतार-चढ़ाव के कारण फिलहाल इसमें नया निवेश जोखिम भरा हो सकता है।
भविष्य में क्या होगा? जेपी मॉर्गन की भविष्यवाणी
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने सोने को लेकर लंबी अवधि में सकारात्मक रुख अपनाया है।
लक्ष्य: साल के अंत तक सोना 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है।
कारण: दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की भारी खरीदारी (अनुमानित 800 टन) और सुरक्षित निवेश के रूप में बढ़ती मांग इसकी कीमतों को सहारा देगी।
ग्लोबल रेट: फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,887.30 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।
निवेश के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में आई यह गिरावट शॉर्ट-टर्म है। शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए घरेलू मांग बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में फिर से सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, चांदी में फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की स्थिति बनाए रखना ही समझदारी है।