Sudha Chandran on Rebirth : मेरा महलों से है गहरा नाता, सुधा चंद्रन ने किया पुनर्जन्म का जिक्र

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News India Live, Digital Desk: अपनी प्रतिभा और संघर्ष की कहानी से लाखों लोगों को प्रेरित करने वाली सुधा चंद्रन इन दिनों अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अक्सर ऐसा आभास होता है कि उनका वर्तमान जीवन उनके पिछले किसी जन्म की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है।

1. महलों के साथ 'स्ट्रांग कनेक्शन'

सुधा चंद्रन ने साझा किया कि जब भी वे किसी पुराने महल या ऐतिहासिक वास्तुशिल्प (Palatial structures) को देखती हैं, तो उन्हें एक अजीब सी अपनापन और शांति महसूस होती है।

आकर्षण: उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि महलों के साथ मेरा कोई बहुत पुराना और गहरा संबंध है। जब भी मैं ऐसी जगहों पर जाती हूँ, मुझे ऐसा नहीं लगता कि मैं पहली बार वहां आई हूँ।"

आभास: उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे उन्होंने पहले कभी उन गलियारों में समय बिताया है, जो पुनर्जन्म की थ्योरी की ओर इशारा करता है।

2. 'पिछले जन्म' की जिज्ञासा

सुधा ने बताया कि वे अक्सर इस बारे में सोचती हैं कि उनके व्यक्तित्व का कुछ हिस्सा शायद उनके पिछले अनुभवों से आता है।

वे मानती हैं कि इंसान की आत्मा कभी नहीं मरती और उसकी कुछ इच्छाएं या स्मृतियां अगले जन्म में भी साथ चलती हैं।

उनकी नृत्य के प्रति दीवानगी और उनकी अदम्य इच्छाशक्ति (Willpower) को भी वे कभी-कभी इसी आध्यात्मिक जुड़ाव से जोड़कर देखती हैं।

3. 'छठी इंद्री' और अध्यात्म

सुधा चंद्रन केवल एक कलाकार ही नहीं, बल्कि काफी आध्यात्मिक भी हैं।

उनका मानना है कि ब्रह्मांड में ऐसी कई चीजें हैं जिन्हें विज्ञान अभी पूरी तरह नहीं समझा पाया है।

उन्होंने कहा कि यह 'गहरा कनेक्शन' केवल कल्पना नहीं, बल्कि एक अहसास है जिसे वे शब्दों में बयां करना मुश्किल पाती हैं।

सुधा चंद्रन: एक प्रेरणादायक सफर

पुनर्जन्म के दावों के बीच, सुधा चंद्रन का असल जीवन किसी चमत्कार से कम नहीं है:

हादसा: 1981 में एक कार दुर्घटना में उन्होंने अपना एक पैर खो दिया था।

वापसी: 'जयपुर फुट' (कृत्रिम पैर) की मदद से उन्होंने न केवल चलना सीखा, बल्कि दुनिया की बेहतरीन भरतनाट्यम नृत्यांगनाओं में अपनी जगह बनाई।

अभिनय: उन्होंने 'नागिन' और 'कही किसी रोज' जैसे टीवी धारावाहिकों में अपनी नकारात्मक भूमिकाओं से घर-घर में पहचान बनाई।