Ghee vs Oil : रोज खाना पकाने के लिए क्या है ज्यादा बेहतर और सुरक्षित? डॉक्टरों ने खोला राज

Post

News India Live, Digital Desk: Ghee vs Oil : भारतीय रसोई में खाना घी के बिना अधूरा माना जाता है, तो कहीं तेल के बिना काम नहीं चलता। अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि परांठे, सब्जी या दाल में तड़का लगाने के लिए इन दोनों में से सेहत का असली साथी कौन है? सदियों से घी को अमृत माना गया है, तो वहीं आधुनिक विज्ञान तरह-तरह के तेलों को दिल के लिए फायदेमंद बताता है।

इस बहस पर डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स की राय क्या है? आइए, इस उलझन को हमेशा के लिए सुलझाते हैं और जानते हैं कि रोजाना इस्तेमाल के लिए आपकी सेहत का असली हीरो कौन है - घी या तेल?

घी: स्वाद और सेहत का पुराना साथी

देसी घी न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसमें विटामिन A, E, और K2 जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं। यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है और पाचन को भी सुधारता है। घी का स्मोकिंग पॉइंट (जिस तापमान पर यह जलना शुरू होता है) बहुत ज्यादा होता है, इसलिए इसे भारतीय खाने, जिसमें तेज आंच पर भूनना या तलना शामिल है, के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है।

लेकिन एक समस्या भी है: घी में सैचुरेटेड फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है। डॉक्टर कहते हैं कि अगर आप इसका सेवन सीमित मात्रा में करते हैं, तो यह फायदेमंद है। लेकिन जरूरत से ज्यादा घी खाना शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

तेल: कई विकल्प, अलग-अलग फायदे

जब बात तेल की आती है, तो हमारे पास सरसों, मूंगफली, जैतून, सूरजमुखी जैसे कई विकल्प मौजूद हैं।

  • सरसों का तेल: ज्यादातर भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाला यह तेल मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट का अच्छा स्रोत है। यह दिल की सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है।
  • जैतून का तेल (Olive Oil): इसे स्वास्थ्यप्रद तेलों में से एक माना जाता है, लेकिन भारतीय खाना पकाने के लिए यह बहुत उपयुक्त नहीं है क्योंकि इसका स्मोकिंग पॉइंट कम होता है। इसे सलाद या হালকা भूनने के लिए इस्तेमाल करना बेहतर है
  • रिफाइंड तेल: एक्सपर्ट्स रिफाइंड तेल को सेहत के लिए सबसे हानिकारक विकल्पों में से एक मानते हैं। इसे बनाने की प्रक्रिया में इसके सारे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। नियमित रूप से इसका इस्तेमाल दिल से लेकर त्वचा तक कई समस्याओं का कारण बन सकता है।

तो आखिरी फैसला क्या है?

कैंसर विशेषज्ञ डॉ. तरंग कृष्णा के अनुसार, घी और तेल दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। वह कहती हैं कि रोजाना खाना पकाने के लिए कच्ची घानी का सरसों का तेल, मूंगफली का तेल या तिल का तेल एक बहुत ही सुरक्षित और सेहतमंद विकल्प है। ये तेल ज्यादा गर्म होने पर भी खराब नहीं होते और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।

वहीं, घी का इस्तेमाल भी सीमित मात्रा में जरूर करना चाहिए। जैसे, आप दाल या रोटी पर एक चम्मच घी डाल सकते हैं। यह स्वाद के साथ-साथ सेहत भी देगा।

मुख्य बात यह है कि संतुलन ही कुंजी है। किसी एक चीज पर पूरी तरह निर्भर रहने की बजाय, अपनी डाइट में अलग-अलग तरह के सेहतमंद तेलों और घी को सीमित मात्रा में शामिल करना ही सबसे समझदारी भरा फैसला है। साथ ही, रिफाइंड तेल से जितना हो सके, दूर रहना ही आपकी सेहत के लिए सबसे अच्छा है।