George Bush Alien : सिर्फ कहानी नहीं, हकीकत, 1964 में अमेरिका आया था एलियन, राष्ट्रपति ने खुद खोला था राज़
News India Live, Digital Desk: क्या हम इस विशाल ब्रह्मांड में सचमुच अकेले हैं? यह एक ऐसा सवाल है, जिसका जवाब इंसान सदियों से तलाश रहा है। लेकिन क्या होगा अगर आपको पता चले कि इस सवाल का जवाब दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के पास सालों से मौजूद है और इसे जानबूझकर छिपाया गया?
एक नई डॉक्यूमेंट्री ने कुछ ऐसे ही सनसनीखेज दावे करके पूरी दुनिया में बहस छेड़ दी है। 'द एज ऑफ डिस्क्लोजर' (The Age of Disclosure) नाम की इस डॉक्यूमेंट्री में कहा गया है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश को 1964 में हुई एक ऐसी अविश्वसनीय घटना के बारे में पता था, जहाँ इंसानों का सामना सीधे-सीधे दूसरे ग्रह के जीवों से हुआ था।
जब एयरफोर्स बेस पर उतरा था एलियन का यान
यह चौंकाने वाला खुलासा एस्ट्रोफिजिसिस्ट (खगोल भौतिकीविद्) एरिक डेविस ने किया है, जो कभी पेंटागन के सीक्रेट UFO प्रोग्राम के सलाहकार भी रह चुके हैं। डेविस ने डॉक्यूमेंट्री में दावा किया है कि 2003 में उनकी पूर्व राष्ट्रपति बुश के साथ कुछ निजी बातचीत हुई थी। इस बातचीत में बुश ने उन्हें बताया कि 1964 में न्यू मेक्सिको के हॉलोमन एयरफोर्स बेस पर एक हैरान करने वाली घटना घटी थी
डेविस के मुताबिक, बुश ने उन्हें बताया कि उस दिन बेस के पास आसमान में तीन अनजान अंतरिक्ष यान दिखे थे। इससे भी बढ़कर, उनमें से एक यान एयरफोर्स बेस के रनवे पर उतरा। यान से एक "गैर-इंसानी जीव" बाहर निकला और उसने वहाँ मौजूद अमेरिकी वायुसेना और सीआईए (CIA) के बड़े अधिकारियों से मुलाकात की।
राष्ट्रपति को भी नहीं थी सबकुछ जानने की इजाजत
सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि जब पूर्व राष्ट्रपति बुश ने इस घटना के बारे में और जानकारी हासिल करनी चाही, तो उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि उन्हें यह "जानने का अधिकार नहीं है"। यह बात अपने आप में चौंकाने वाली है क्योंकि जॉर्ज बुश खुद राष्ट्रपति बनने से पहले CIA के डायरेक्टर भी रह चुके थे, फिर भी उन्हें देश के इतने बड़े राज़ से दूर रखा गया।
डॉक्यूमेंट्री यह भी बताती है कि बुश को इस घटना की जानकारी उनके राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के बाद दी गई थी।[2] यह फिल्म एक और खुफिया सरकारी कार्यक्रम "लिगेसी प्रोग्राम" का भी जिक्र करती है, जिसका काम दशकों से एलियन यानों और उनके अवशेषों को इकट्ठा करना है। हालांकि, यह डॉक्यूमेंट्री कोई नया ठोस सबूत पेश नहीं करती और पूरी तरह से पूर्व अधिकारियों की गवाही पर आधारित है फिर भी, इन दावों ने एक बार फिर उस बहस को हवा दे दी है कि क्या दुनिया की सरकारें, खासकर अमेरिका, एलियंस के अस्तित्व की सच्चाई हमसे छिपा रही हैं?