Garuda Purana : सुबह के वो 5 काम जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत, सिर्फ आदतें नहीं ये हैं तरक्की के मंत्र
News India Live, Digital Desk: हम सब दिन-रात यही चाहते हैं कि हमारा परिवार खुश रहे, घर में बरकत हो और आने वाली पीढ़ियां (7 पुश्तें) सुख से जिएं। लेकिन कई बार खूब मेहनत करने के बाद भी वो नतीजा नहीं मिलता जिसकी हम उम्मीद करते हैं। हमारे शास्त्रों में, खासकर गरुड़ पुराण में, सिर्फ मृत्यु के बाद की बातें नहीं हैं, बल्कि जीवन जीने की कला भी छिपी है।
गरुड़ पुराण के मुताबिक, आपकी सुबह कैसी होती है, इसी पर आपका पूरा भविष्य टिका होता है। अगर दिन की शुरुआत सही हो, तो सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) अपने आप खिंची चली आती है। आइए, बिल्कुल आसान भाषा में जानते हैं वो 5 काम जो हर इंसान को सुबह बिस्तर छोड़ते ही करने चाहिए।
1. अपनी हथेलियों को देखें (कर दर्शन)
आजकल हमारी सुबह मोबाइल की स्क्रीन देखने से शुरू होती है, जो कि गलत है। गरुड़ पुराण और हमारे बुज़ुर्ग कहते हैं कि आंख खुलते ही सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर उन्हें देखना चाहिए।
माना जाता है कि हथेलियों के अगले भाग में माँ लक्ष्मी, बीच में सरस्वती और मूल में भगवान विष्णु (गोविंद) बसते हैं।
"कराग्रे वसते लक्ष्मी..." - इस श्लोक का सार यही है कि जब आप अपने हाथों को देखते हैं, तो आप खुद पर और ईश्वर पर भरोसा जताते हैं कि आज का दिन मेरे इन्हीं हाथों के कर्मों से सुधरेगा।
2. धरती माँ से माफ़ी मांगें (भूमि वंदन)
बिस्तर से नीचे पैर रखने से पहले, एक पल रुकें। धरती हमारी माँ समान है जो हमारा भार उठाती है। गरुड़ पुराण कहता है कि जमीन पर पैर रखने से पहले धरती माता को हाथ से छूकर प्रणाम करना चाहिए और उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए कि "मैं आप पर पैर रख रहा हूँ।" यह आदत हमें विनम्रता सिखाती है और अहंकार को खत्म करती है।
3. स्नान और साफ-सफाई
कई लोग सुबह उठते ही चाय-कॉफी पीने लगते हैं, बिना नहाए-धोए। शास्त्रों में इसे 'दरिद्रता' (गरीबी) की निशानी माना गया है। नियम यह है कि सुबह उठकर सबसे पहले शौच और स्नान से निवृत होना चाहिए। एक स्वच्छ शरीर में ही सकारात्मक ऊर्जा और सात्विक विचारों का वास होता है। बिना नहाए भोजन करना या पूजा घर में जाना घर की शांति भंग कर सकता है।
4. अपने कुलदेवता और बड़ों को याद करें
नहाने के बाद घर के मंदिर में दीप जलाएं और अपने कुलदेवी या देवता को याद करें। इसके बाद घर के बुजुर्गों (माता-पिता) के पैर छुएं। यह कोई पुरानी रूढ़ि नहीं है। जब आप बड़ों के चरण स्पर्श करते हैं, तो उनके तपोबल की सकारात्मक ऊर्जा आप में प्रवाहित होती है। उनका आशीर्वाद एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करता है, जो आपको दिन भर की मुसीबतों से बचाता है।
5. पहली रोटी का नियम
हालांकि यह दिनचर्या का हिस्सा है, लेकिन गरुड़ पुराण अन्न दान पर बहुत जोर देता है। जब घर में खाना बने, तो कोशिश करें कि पहली रोटी गाय के लिए या कुछ हिस्सा पक्षियों के लिए निकाल दें। जिस घर में खाने से पहले दान (छोटा सा ही सही) होता है, वहां अन्न और धन के भंडार कभी खाली नहीं होते।