Garuda Mudra Benefits : मूड स्विंग्स और वात दोष से हैं परेशान? रोज़ाना 5 मिनट करें गरुड़ मुद्रा, मिलेंगे हैरान करने वाले फायदे
News India Live, Digital Desk : भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के कारण आजकल मूड स्विंग्स (Mood Swings) और शरीर में असंतुलन एक आम समस्या बन गई है। आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर में वात दोष (Vata Dosha) असंतुलित होता है, तो व्यक्ति को बेचैनी, एकाग्रता में कमी और थकान महसूस होती है। योग विशेषज्ञों का मानना है कि 'गरुड़ मुद्रा' एक ऐसा शक्तिशाली हस्त योग है, जो शरीर के दोनों हिस्सों में ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित कर इन समस्याओं को जड़ से खत्म कर सकता है।
क्या है गरुड़ मुद्रा? (What is Garuda Mudra?)
गरुड़ मुद्रा को 'ईगल मुद्रा' (Eagle Gesture) भी कहा जाता है। यह मुद्रा स्वतंत्रता, शक्ति और संतुलन का प्रतीक है। इसे करते समय हाथों की आकृति उड़ते हुए पक्षी जैसी दिखाई देती है। यह मुद्रा शरीर के दाहिने और बाएं हिस्से (Left and Right Hemispheres) के बीच सामंजस्य बिठाने का काम करती है।
गरुड़ मुद्रा के मुख्य लाभ (Key Benefits)
वात दोष का संतुलन: शरीर में वायु तत्व के बढ़ने से होने वाली बेचैनी, गैस और जोड़ों के दर्द में यह मुद्रा अत्यंत लाभकारी है। यह वात को नियंत्रित कर शरीर को स्थिर बनाती है।
मूड स्विंग्स पर नियंत्रण: यदि आप अचानक उदास या गुस्से में महसूस करते हैं, तो यह मुद्रा आपके हार्मोन्स को संतुलित कर मानसिक शांति प्रदान करती है।
ब्लड सर्कुलेशन में सुधार: यह मुद्रा सीने और फेफड़ों के पास ऊर्जा का संचार बढ़ाती है, जिससे रक्त प्रवाह बेहतर होता है और हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।
पाचन और पीरियड्स में राहत: महिलाओं के लिए यह मुद्रा मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करने में सहायक है। साथ ही, यह पाचन तंत्र को भी सक्रिय करती है।
एकाग्रता (Focus): विद्यार्थियों और कामकाजी पेशेवरों के लिए यह मुद्रा याददाश्त बढ़ाने और ध्यान केंद्रित करने में मदद करती है।
विधि: कैसे करें गरुड़ मुद्रा? (Step-by-Step Guide)
सबसे पहले किसी शांत जगह पर सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं।
अपनी हथेलियों को अपने सामने रखें (हथेलियां आपके चेहरे की ओर होनी चाहिए)।
अब अपने दाएं हाथ (Right Hand) को बाएं हाथ (Left Hand) के ऊपर इस तरह क्रॉस करें कि दोनों अंगूठे आपस में जुड़ जाएं।
आपकी उंगलियां बाहर की ओर फैली होनी चाहिए, जो उड़ते हुए गरुड़ के पंखों की तरह दिखें।
अब अपने हाथों को अपने निचले पेट (Lower Abdomen) के पास रखें।
गहरी सांस लेते हुए करीब 10 बार रुकें, फिर हाथों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर नाभि और फिर सीने के पास लाएं।
इस प्रक्रिया को रोजाना 5 से 10 मिनट तक करें।
सावधानी और सुझाव
योग विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च रक्तचाप (High BP) के मरीजों को इसे बहुत देर तक नहीं करना चाहिए। सबसे अच्छा परिणाम पाने के लिए इसे सुबह खाली पेट करना चाहिए।