Fruit Juice or cold Drink : डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए कौन है असली दुश्मन? जवाब आपको हैरान कर देगा

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News India Live, Digital Desk: Fruit Juice or cold Drink : जब भी सेहत की बात आती है, तो हम सब यही मानते हैं कि फलों का जूस कोल्ड ड्रिंक या सोडा वाले पेय पदार्थों से कहीं बेहतर होता है। खासकर डायबिटीज के मरीजों को अक्सर यही सलाह दी जाती है कि वे कोल्ड ड्रिंक से दूर रहें। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस पैकेट वाले या ताजे निकले हुए जूस को आप सेहतमंद समझकर पी रहे हैं, वह भी आपके ब्लड शुगर के लिए उतना ही खतरनाक हो सकता है जितनी कि एक कोल्ड ड्रिंक?

चलिए आज इस सबसे बड़े भ्रम को दूर करते हैं और जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों के लिए इन दोनों में से असली दुश्मन कौन है।

समस्या चीनी की है, चाहे वो कहीं से भी आए

सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि डायबिटीज में मुख्य समस्या ब्लड शुगर लेवल का तेजी से बढ़ना है। कोल्ड ड्रिंक में तो भरपूर मात्रा में शक्कर और कैलोरी होती ही है, लेकिन उसमें कोई पोषक तत्व नहीं होता, इसलिए उसे सेहत का दुश्मन माना जाता है।

अब बात करते हैं फलों के जूस की। जब हम किसी फल का जूस निकालते हैं, तो उसका सारा फाइबर यानी रेशा निकल जाता है और बचता है सिर्फ मीठा पानी (फ्रुक्टोज शुगर)। फाइबर का काम फल में मौजूद प्राकृतिक शक्कर को धीरे-धीरे खून में घुलने देना होता है। लेकिन जब फाइबर ही नहीं रहेगा, तो जूस में मौजूद सारी चीनी सीधे आपके खून में पहुंचकर ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा देगी, ठीक वैसे ही जैसे कोई कोल्ड ड्रिंक करती है।

जूस और कोल्ड ड्रिंक में कोई खास फर्क नहीं

यह सुनकर आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन एक गिलास संतरे के जूस और उतने ही कोला में शुगर की मात्रा लगभग बराबर होती है। फर्क सिर्फ इतना है कि जूस में कुछ विटामिन और मिनरल्स मिल जाते हैं, जबकि कोल्ड ड्रिंक में सिवाय कैलोरी के कुछ नहीं होता। लेकिन जहां तक ब्लड शुगर पर असर की बात है, दोनों ही लगभग एक जैसा काम करते हैं - यानी शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाना।

कई स्टडीज में यह बात सामने आई है कि नियमित रूप से फलों का जूस पीने से भी टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए जूस को 'हेल्दी' मानकर जितना चाहे उतना पी लेने की गलती कभी न करें।

तो फिर सही क्या है?

डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे अच्छा विकल्प जूस पीने की बजाय पूरा फल खाना है। जब आप पूरा फल खाते हैं, तो उसका फाइबर आपके पेट में जाता है, जो पाचन क्रिया को धीमा करता है और शुगर को धीरे-धीरे रिलीज होने देता है। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल एकदम से नहीं बढ़ता।

अगर आपको कुछ पीना ही है, तो सादा पानी, नींबू पानी (बिना चीनी के), छाछ (मट्ठा), या बिना चीनी वाली हर्बल टी सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। याद रखिए, अपनी सेहत के लिए फल को "खाइए, पीजिए नहीं"।