मोहम्मद शमी के टेस्ट टीम से बाहर होने पर पूर्व क्रिकेटर ने खोला सबसे बड़ा राज

Post

News India Live, Digital Desk: जब साउथ अफ्रीका के मुश्किल दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान हुआ, तो उसमें एक नाम न देखकर हर कोई हैरान रह गया - और वो नाम था अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी. BCCI की तरफ से बताया गया कि शमी "अभी पूरी तरह से फिट नहीं हैं" और उनकी उपलब्धता फिटनेस टेस्ट पर निर्भर करेगी. लेकिन क्रिकेट के गलियारों में इस खबर को एक अलग ही नजरिए से देखा जा रहा है.

कई लोगों का मानना है कि यह सिर्फ फिटनेस का मामला नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत का संकेत है. और इस बात को और पुख्ता किया है पूर्व भारतीय क्रिकेटर और क्रिकेट एक्सपर्ट अभिषेक नायर के एक बड़े बयान ने.

क्या खत्म हो रहा है शमी का टेस्ट करियर?

अभिषेक नायर ने इस पूरे मामले पर एक बहुत ही गहरी और सीधी बात कही है. उनके मुताबिक, मोहम्मद शमी का टीम से बाहर होना सिर्फ एक अस्थायी बात नहीं है. नायर ने कहा, "मुझे लगता है कि यह एक साफ इशारा है कि चयनकर्ता अब आगे बढ़ रहे हैं. वे भविष्य की ओर देख रहे हैं."

उनका मानना है कि चयन समिति अब शमी से आगे निकलकर तेज गेंदबाजों की अगली पीढ़ी को तैयार करने पर फोकस कर रही है. यह एक कड़ा फैसला जरूर है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए यह जरूरी भी है.

क्यों आया यह 'बदलाव का दौर'?

मोहम्मद शमी पिछले एक दशक से जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर भारतीय तेज गेंदबाजी की रीढ़ रहे हैं. तो फिर अचानक चयनकर्ताओं को यह बड़ा कदम उठाने की जरूरत क्यों पड़ी?

  1. उम्र और फिटनेस: शमी अब अपने करियर के उस पड़ाव पर हैं जहाँ लगातार चोटिल होने का खतरा बना रहता है. टेस्ट क्रिकेट में लंबे-लंबे स्पेल फेंकना अब उनके शरीर के लिए पहले जैसा आसान नहीं है.
  2. युवाओं को मौका देना: टीम में मुकेश कुमार, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह जैसे युवा तेज गेंदबाज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. अगर इन्हें अभी से साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे मुश्किल दौरों पर मौका नहीं दिया गया, तो वे भविष्य के लिए तैयार कैसे होंगे.
  3. वर्कलोड मैनेजमेंट: शमी आज भी भारत के लिए सफेद गेंद (वनडे और टी20) के क्रिकेट में एक बहुत बड़े मैच विनर हैं. हो सकता है कि चयनकर्ता उन्हें टेस्ट क्रिकेट से दूर रखकर बड़े टूर्नामेंट्स जैसे टी20 और वनडे वर्ल्ड कप के लिए तरोताजा रखना चाहते हों.

अभिषेक नायर ने यह भी कहा, "मुझे नहीं लगता कि शमी को सीधे-सीधे बाहर कर दिया गया है. अगर कोई और गेंदबाज चोटिल होता है या खराब प्रदर्शन करता है, तो शमी को वापस बुलाया जा सकता है. लेकिन पहली पसंद अब युवा खिलाड़ी होंगे."

यह फैसला भारतीय फैंस के लिए थोड़ा भावुक करने वाला हो सकता है, लेकिन यह क्रिकेट का नियम भी है. आज जो सितारे हैं, कल उनकी जगह नए सितारे लेंगे. मोहम्मद शमी का टेस्ट टीम से बाहर होना शायद इसी बदलाव की पहली और सबसे बड़ी कहानी है.