Foreigners Detained at Gaya Airport : बिना वीजा भारत आ पहुंचे 12 विदेशी, रात भर चली पूछताछ के बाद ऐसे मिली एंट्री
News India Live, Digital Desk : आप किसी दूसरे देश घूमने जाएं, लंबी फ्लाइट लेकर पहुंचें, लेकिन एयरपोर्ट पर उतरते ही आपको रोक लिया जाए और कहा जाए "आप बाहर नहीं जा सकते क्योंकि आपके पास वीजा नहीं है।" यकीनन, पैरों तले जमीन खिसक जाएगी! कुछ ऐसा ही वाकया बिहार के गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Gaya International Airport) पर हुआ, जिसने सुरक्षा एजेंसियों से लेकर एयरलाइंस तक सबके कान खड़े कर दिए।
भगवान बुद्ध की नगरी बोधगया और मोक्ष धाम गया में अक्सर विदेशी यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन बीते दिन जो हुआ, वो आम बात नहीं थी। थाईलैंड (Thailand) से आई एक फ्लाइट से 12 ऐसे यात्री उतर गए, जिनके पास भारत में घुसने का वैध वीजा (Valid Visa) ही नहीं था।
आखिर हुआ क्या था?
एयर एशिया की फ्लाइट जैसे ही गया एयरपोर्ट पर लैंड हुई, यात्री इमिग्रेशन काउंटर की तरफ बढ़े। लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि 12 यात्रियों के पास वीजा है ही नहीं।
अब सवाल ये उठता है कि अगर वीजा नहीं था, तो थाईलैंड एयरपोर्ट से इन्हें फ्लाइट में चढ़ने ही कैसे दिया गया? आमतौर पर एयरलाइंस चेक करती हैं। इसे एयरलाइन की एक बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।
रात भर एयरपोर्ट पर गुजारी राते
वीजा न होने के कारण सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें एयरपोर्ट से बाहर निकलने से मना कर दिया। बेचारों को समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करें। खबर है कि उन्हें पूरी रात या कई घंटों तक एयरपोर्ट पर ही रोककर (Detain) रखा गया।
इमिग्रेशन अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने उनसे लंबी पूछताछ की। यह पता लगाया गया कि कहीं ये कोई गलत इरादे से तो नहीं आए? लेकिन जांच में पता चला कि ये सिर्फ भूलवश या तकनीकी जानकारी के अभाव में हुआ था और वे साधारण यात्री/श्रद्धालु हैं।
फिर मिली 'TRP' वाली राहत
जब पुष्टि हो गई कि मामला सिर्फ़ लापरवाही का है, तो अधिकारियों ने दरियादिली दिखाई और नियमों का पालन करते हुए बीच का रास्ता निकाला।
इन सभी 12 यात्रियों को 'टीआरपी' (Temporary Landing Permit - TLP/TRP) जारी किया गया।
अब आप सोचेंगे कि ये TRP क्या बला है? आसान भाषा में समझें तो यह एक तरह का अस्थायी परमिट होता है। जब कोई यात्री बिना वीजा आ जाता है और उसका केस जेन्युइन होता है, तो उसे 72 घंटे (या कुछ निश्चित समय) के लिए भारत में एंट्री दी जाती है, ताकि वो या तो अपना वीजा अरेंज करे या वापस चला जाए। गारंटी के तौर पर उनका पासपोर्ट जब्त रखा जाता है या एयरलाइन जिम्मेदारी लेती है।
सबक एयरलाइंस के लिए भी
अंत भला तो सब भला। उन यात्रियों को एंट्री मिल गई और उन्होंने राहत की सांस ली। लेकिन इस घटना ने एयरपोर्ट की सुरक्षा और विदेशी एयरलाइंस की चेकिंग प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी चूक आखिर हुई कैसे?
खैर, अगर आप भी विदेश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो अपना वीजा दो बार चेक कर लें, वरना एयरपोर्ट पर पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ सकती है!