Fatehpur News: बेटी की शादी के लिए नहीं मिली छुट्टी, तंग आकर बीएलओ ने लगा ली फांसी; सुसाइड नोट देख अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तीखा प्रहार

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फतेहपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश के प्रशासनिक गलियारे और सियासत में भूचाल ला दिया है। यहां बिंदकी तहसील के ग्राम अलियाबाद में तैनात एक बीएलओ (शिक्षामित्र) अखिलेश कुमार सविता ने स्कूल के कमरे में ही फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब मृतक का 'सुसाइड नोट' सामने आया, जिसमें काम के भारी दबाव और बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलने का दर्द झलका है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए इसे 'भाजपा का महापाप' करार दिया है।

'जीवनमुक्ति' सुसाइड नोट: "साहब, बेटी की शादी है... छुट्टी दे दो"

मृतक बीएलओ अखिलेश कुमार ने मरने से पहले 'एसआईआर-2026 जीवनमुक्ति' शीर्षक से एक सुसाइड नोट लिखा है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की बेटी की शादी आगामी 8 मार्च को होनी तय थी। एक पिता होने के नाते वह शादी की तैयारियों के लिए अधिकारियों से छुट्टी की गुहार लगा रहे थे, लेकिन कथित तौर पर उन्हें छुट्टी नहीं दी गई। ऊपर से SIR (Systematic Inspection Report) और चुनावी सर्वे का इतना दबाव था कि उन्होंने हार मानकर मौत को गले लगा लिया। अखिलेश यादव ने 'X' पर लिखा कि "बेटी की शादी की जिम्मेदारी कितनी बड़ी होती है, यह वही समझ सकता है जिसका अपना परिवार हो।"

अखिलेश यादव का गंभीर आरोप: "फर्जी नाम जोड़ने का बनाया जा रहा दबाव"

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस आत्महत्या को महज एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक हत्या करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बीएलओ पर भारी दबाव है। अखिलेश के अनुसार, "पहले फॉर्म-7 के जरिए सही वोटरों के नाम कटवाने का दबाव बनाया गया और अब फॉर्म-6 के माध्यम से नए फर्जी नाम जोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।" उन्होंने दावा किया कि जो ईमानदार कर्मचारी गलत काम नहीं करना चाहते, उन्हें मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया जा रहा है कि वे आत्मघाती कदम उठा रहे हैं।

अधिकारियों की संवेदनहीनता पर फूटा गुस्सा

अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने खुद तो निर्मम है ही, सरकारी तंत्र और अधिकारियों को भी 'हृदयहीन' बना दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब निरंकुशवाद अपनी पराकाष्ठा पर होता है, तभी उसका पतन शुरू होता है। उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों (SDM और BEO) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिनका नाम सुसाइड नोट में होने की बात कही जा रही है।

बीएलओ साथियों से भावुक अपील: 'निराश न हों'

घटना के बाद प्रदेशभर के बीएलओ और शिक्षामित्रों में भारी आक्रोश है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अखिलेश यादव ने एक भावुक संदेश भी जारी किया। उन्होंने कहा, "प्रदेश के सभी बीएलओ से मेरी अपील है कि वे निराश या हताश न हों। आपका जीवन आपके परिवार के लिए अनमोल है। भाजपा जैसी नकारात्मक ताकतों का अंत निश्चित है।" उन्होंने वादा किया कि इस दुख की घड़ी में वह और उनकी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।