Facebook-Instagram की नेगेटिविटी छीन रही है आपकी रातों की नींद, नई रिसर्च ने दी डिजिटल डिटॉक्स की बड़ी वार्निंग
News India Live, Digital Desk: क्या आप भी सोशल मीडिया पर दूसरों की बहस, कड़वे कमेंट्स या किसी को ट्रोल होते देख खुद को तनाव में महसूस करते हैं? अगर हाँ, तो यह आपकी मेंटल हेल्थ के लिए एक 'रेड अलर्ट' है। हाल ही में Lancet Psychiatry और अन्य रिपोर्ट्स के हवाले से हुई एक रिसर्च ने खुलासा किया है कि ऑनलाइन माहौल में मौजूद नकारात्मकता सीधे तौर पर हमारे मस्तिष्क की शांति को भंग कर रही है।
रिसर्च के चौंकाने वाले खुलासे: क्यों बढ़ रहा है 'मेंटल डिस्ट्रेस'?
रिसर्च के अनुसार, सोशल मीडिया पर केवल वक्त बिताना ही समस्या नहीं है, बल्कि उस दौरान हम किस तरह के 'कंटेंट' से रूबरू होते हैं, वह हमारे मूड को तय करता है:
नफरत और ट्रोलिंग: दूसरों को अपमानित होते देखना या खुद उस नफरत का हिस्सा बनना 'डोपामाइन लेवल' को प्रभावित करता है, जिससे एंग्जायटी (Anxiety) बढ़ती है।
तुलना का जाल: दूसरों की 'परफेक्ट लाइफ' देखकर खुद को कमतर आंकना डिप्रेशन का एक बड़ा कारण बन रहा है।
फीडबैक लूप: एल्गोरिदम हमें वही नेगेटिव कंटेंट बार-बार दिखाता है, जिससे हम एक 'नकारात्मक चक्र' में फंस जाते हैं।
डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox) अब विकल्प नहीं, मजबूरी!
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस तरह शरीर की गंदगी साफ करने के लिए डिटॉक्स जरूरी है, वैसे ही दिमाग की सेहत के लिए 'डिजिटल डिटॉक्स' अब हर किसी के लिए अनिवार्य (Mandatory) हो गया है।
क्या है डिजिटल डिटॉक्स? इसका मतलब मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और सोशल मीडिया से एक निश्चित समय के लिए पूरी तरह दूरी बनाना है ताकि दिमाग को आराम मिल सके।
कैसे करें खुद को डिजिटल डिटॉक्स? (5 प्रभावी तरीके)
अगर आप भी स्क्रीन एडिक्शन और मानसिक थकान से बचना चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:
टेक-फ्री जोन बनाएं: बेडरूम और डाइनिंग टेबल को 'नो-फोन जोन' घोषित करें। सोते समय फोन को खुद से कम से कम 10 फीट दूर रखें।
नोटिफिकेशन ऑफ करें: गैर-जरूरी ऐप्स के नोटिफिकेशन बंद कर दें ताकि बार-बार फोन चेक करने की आदत छूटे।
ऑफलाइन हॉबी अपनाएं: स्क्रीन के बजाय किताब पढ़ना, पेंटिंग करना या बाहर टहलने जाने जैसे काम करें।
स्क्रीन टाइम लिमिट: फोन में 'ऐप टाइमर' सेट करें ताकि एक तय समय के बाद सोशल मीडिया ऐप्स अपने आप लॉक हो जाएं।
सोशल मीडिया फ्री संडे: सप्ताह में एक दिन (जैसे रविवार) को पूरी तरह से 'डिजिटल फास्ट' रखें और परिवार के साथ समय बिताएं।