राजस्थान में सुबह-सुबह हिली धरती सीकर और खाटूश्यामजी में भूकंप के झटके घरों से बाहर भागे लोग

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में शनिवार सुबह 6:32 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र जयपुर से लगभग 69 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था और इसकी गहराई जमीन से 5 किलोमीटर नीचे थी।

किन इलाकों में महसूस हुआ असर?

भूकंप का सबसे ज्यादा असर सीकर जिले के इन क्षेत्रों में देखा गया:

खाटूश्यामजी: यहाँ दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने कंपन महसूस किया।

पलसाना और रानोली: इन इलाकों में झटके अपेक्षाकृत अधिक तेज थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घरों की खिड़कियाँ और दरवाजे 1-2 सेकंड तक हिलते रहे।

धींगपुर और दादिया: इन ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने सुबह-सुबह कंपन महसूस होने की जानकारी दी।

क्या हुआ नुकसान?

राहत की बात यह है कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

प्रशासनिक सतर्कता: प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

अजीब आवाजें: पलसाना क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि कंपन के साथ उन्हें जमीन के भीतर से अजीब सी गड़गड़ाहट की आवाजें भी सुनाई दीं।

क्यों आ रहे हैं राजस्थान में बार-बार भूकंप?

विशेषज्ञों ने हाल के दिनों में अरावली क्षेत्र में बढ़ती भूकंपीय गतिविधियों के पीछे कुछ प्रमुख कारण बताए हैं:

अरावली क्षेत्र में खनन: बड़े पैमाने पर हो रहे खनन और भारी विस्फोटों के कारण पहाड़ियों की आंतरिक संरचना प्रभावित हो रही है।

भूजल का अत्यधिक दोहन: 800-900 फीट गहराई से पानी निकालने के कारण जमीन के भीतर का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है।

हाई रिस्क जोन: हाल ही में जारी नए भूकंपीय नक्शे में जयपुर और आसपास के इलाकों को 'हाई रिस्क जोन' की श्रेणी में रखा गया है।

भूकंप के दौरान क्या करें?

घबराएं नहीं और तुरंत खुले मैदान की ओर भागें।

अगर घर के अंदर हैं, तो मजबूत मेज या पलंग के नीचे 'कवर' लें।

लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।