Sikh Leaders : युद्ध किसी मसले का हल नहीं ईरान-इजरायल तनाव पर पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह की दुनिया से शांति की अपील

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News India Live, Digital Desk: मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच जारी सीधे संघर्ष और इसमें अमेरिका की संलिप्तता ने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध (Third World War) के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। इसी गंभीर स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि हिंसा केवल प्रतिशोध को जन्म देती है, शांति को नहीं।

ज्ञानी रघबीर सिंह के बयान के मुख्य बिंदु

मानवता पर संकट: उन्होंने कहा कि युद्ध केवल दो देशों के बीच नहीं होता, बल्कि इसका खामियाजा निर्दोष महिलाओं, बच्चों और बेगुनाह नागरिकों को भुगतना पड़ता है। यह पूरी मानवता के लिए एक त्रासदी है।

धार्मिक और वैश्विक अपील: 'मानस की जात सबै एकै पहचानबो' के सिद्धांत का हवाला देते हुए उन्होंने दुनिया भर के धार्मिक और राजनैतिक नेताओं से अपील की कि वे इस युद्ध को रोकने के लिए अपनी भूमिका निभाएं।

संवाद ही एकमात्र रास्ता: उन्होंने अमेरिका और अन्य शक्तिशाली देशों से आग्रह किया कि वे हथियारों के बजाय कूटनीति (Diplomacy) और बातचीत के जरिए मसलों को हल करने पर जोर दें।

पंजाबियों की सुरक्षा: उन्होंने अरब देशों और खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे लाखों पंजाबियों और भारतीयों की सुरक्षा पर भी चिंता जताई, जो इस युद्ध के कारण संकट में फँस सकते हैं।

युद्ध का वैश्विक और स्थानीय असर

ज्ञानी रघबीर सिंह ने आगाह किया कि यदि यह युद्ध और फैला, तो इसके परिणाम भयावह होंगे:

अर्थव्यवस्था: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने से महंगाई चरम पर पहुँच जाएगी।

विस्थापन: लाखों लोग शरणार्थी बनने पर मजबूर होंगे, जैसा कि पिछले विश्व युद्धों में देखा गया है।

उड़ानों पर असर: अमृतसर समेत देश के कई हवाई अड्डों से खाड़ी देशों की उड़ानें पहले ही प्रभावित हो रही हैं।

जत्थेदार की पंथिक सुधार और शांति की अपील

हौले-महल्ले (Anandpur Sahib) के अवसर पर संगत को संबोधित करते हुए उन्होंने न केवल वैश्विक शांति की बात की, बल्कि सिखों की आंतरिक एकता पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि जब तक दुनिया में शांति और आपसी भाईचारा नहीं होगा, तब तक कोई भी समाज तरक्की नहीं कर सकता।